Skip to main content

Goa cm/List of Chief Minister of Goa-गोवा के मुख्यमंत्री

गोवा के मुख्यमंत्रियों की सूची और उनका कार्यकाल

गोवा के मुख्यमंत्रियों एवं उनके कार्यकाल...

गोवा के मुख्यमंत्रियों की सूची: गोवा राज्य क्षेत्रफल के हिसाब से भारत का सबसे छोटा और जनसंख्या के हिसाब से चौथा सबसे छोटा राज्य है। यह विश्व में अपने खूबसूरत समुंदर के किनारों और स्थापत्यकला के लिये जाना जाता है। जहाँ अलग-अलग राज्यों से लोग घूमने के लिए जाते है।
गोवा पहले पुर्तगाल का एक उपनिवेश था। भारत सरकार ने गोवा पर "विजय" नामक सैन्य अभियान चलाया जिसके बाद 19 दिसंबर 1961 को गोवा को भारतीय गणतंत्र में मिलाया गया था। गोवा, दमन और दीव यह केंद्रशासित प्रदेश है, गोवा के पहले मुख्यमन्त्री के रूप में महाराष्ट्रवादी गोमंतक पार्टी के ‘दयानंद बांदोडकर’ ने 20 दिसंबर 1963 को शपथ ग्रहण की थी। वर्तमान में गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत (भारतीय जनता पार्टी) हैं, जिन्होंने 19 मार्च 2019 को शपथ ली थी।

केंद्र शासित प्रदेश गोवा, दमन और दीव के मुख्यमंत्री:

गोवा पर पुर्तगाली के कब्जे के बाद, 19 दिसंबर 1961 में भारतीय गणतंत्र में मिलाया गया। गोवा, दमन और दीव भारत गणराज्य का एक केंद्र शासित प्रदेश था। गोवा, दमन और दीव केंद्रशासित प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में 3 लोगों ने काम किया है। जिसके पहले सैन्य गवर्नर मेजर जनरल केपी कैंडेथ थे।
गोवा, दमन और दीव केंद्रशासित प्रदेश के मुख्यमंत्री
क्र.मुख्‍यमंत्रीकार्यकालराजनीतिक दल
1.दयानंद बांदोडकर20 दिसंबर 1963 से 2 दिसंबर 1966महाराष्ट्रवादी गोमंतक पार्टी
राष्ट्रपति शासन2 दिसंबर 1966 5 से अप्रैल 1967
2.दयानंद बांदोडकर5 अप्रैल 1967 से 23 मार्च 1972महाराष्ट्रवादी गोमंतक पार्टी
3.शशिकला काकोडकर12 अगस्त 1973 से 7 जून 1977महाराष्ट्रवादी गोमंतक पार्टी
राष्ट्रपति शासन27 अप्रैल 1979 से 16 जनवरी 1980
4.प्रतापसिंह राणे16 जनवरी 1980 से 7 जनवरी 1985भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (उर्स)

गोवा राज्य के मुख्यमंत्री:

1987 में गोवा को पूर्ण राज्य का दर्जा मिला, प्रतापसिंह राणे (भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस) जिनके शासनकाल के दौरान गोवा को राज्य का दर्जा प्राप्त हुआ था। वर्तमान में गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत (भारतीय जनता पार्टी) हैं, जिन्होंने 19 मार्च 2019 को शपथ ली थी।
गोवा के मुख्यमंत्रियों की सूची
क्र.गोवा के मुख्यमंत्रीकार्यकालराजनीतिक दल
1.प्रताप सिंह राणे 30 मई 1987 से 9 जनवरी 1990 भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
2.चर्चिल आलेमाव27 मार्च 1990 से14 अप्रेल 1990प्रोग्रेसिव डेमोक्रेटिक फ्रंट (गोवा)
3.लुइस प्रोतो बार्बोसा14 अप्रेल 1990 से 14 दिसंबर 1990प्रोग्रेसिव डेमोक्रेटिक फ्रंट (गोवा)
राष्ट्रपति शासन14 दिसंबर, 1990 से 25 जनवरी, 1991
4.रवी नाईक25 जनवरी 1991 से 18 मई 1993भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
5.विल्फ्रेड डिसूझा18 मई 1993 से 2 अप्रेल 1994भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
6.रवी नाईक 2 अप्रेल 1994 से 8 अप्रेल 1994भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
7.विल्फ्रेड डिसूझा8 अप्रेल 1994 से 16 दिसंबर 1994भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
8.प्रताप सिंह राणे16दिसंबर 1994 से 29 जुलाई 1998भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
9. विल्फ्रेड डिसूझा29 जुलाई 1998 से 23 नवंबर 1998गोवा राजीव कांग्रेस पार्टी
10. लुइझिनो फलेरो26 नवंबर 1998 से 8 फ़रवरी 1999भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
राष्ट्रपति शासन9 फरवरी, 1999 से 9 जून, 1999
11. लुइझिनो फलेरो9 जून 1999 से 24 नवम्बर 1999 भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
12.फ्रान्सिस्को सार्डिन्हा24 नवम्बर 1999 से 23 अक्टूबर 2000गोवा पीपल्स कांग्रेस
13.मनोहर पर्रीकर24 अक्टूबर 2000 से 3 जून 2002
3 जून 2002 से 2 फ़रवरी 2005
भारतीय जनता पार्टी
14.प्रतापसिंह राणे2 फ़रवरी 2005 से 4 मार्च 2005 भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
राष्ट्रपति शासन4 मार्च, 2005 से 7 जून, 2005
15.प्रतापसिंह राणे7 जून 2005 से 8 जून 2007भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
16.दिगंबर कामत8 जून 2007 से9 मार्च 2012भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
17.मनोहर पर्रीकर9 मार्च 2012 से 8 नवंबर 2014भारतीय जनता पार्टी
18.लक्ष्मीकांत पारसेकर8 नवंबर 2014 से 14 मार्च 2017भारतीय जनता पार्टी
19.मनोहर पर्रीकर 14 मार्च 2017 से 17 मार्च 2019भारतीय जनता पार्टी
20.प्रमोद सावंत18 मार्च 2019 से वर्तमानभारतीय जनता पार्टी

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न:

Q-गोवा के प्रथम मुख्यमंत्री कौन थे?
Ans: दयानंद बंदोडकर
Q-गोवा की प्रथम महिला मुख्यमंत्री कौन है?
Ans:शशिकला काकोडकर
Q-वर्तमान में गोवा के मुख्यमंत्री कौन हैं?
Ans:प्रमोद सावंत
Related Pages:
  1. भारत के राज्यों के मुख्यमंत्री की सूची
  2. भारत के के सभी राष्‍ट्रपतियों की सूची
  3. भारत के प्रधानमंत्रियों की सूची
  4. भारत के गृह मंत्री की सूची
  5. भारत के उपराष्ट्रपति की सूची
  6. भारत के राष्ट्रीय प्रतीकों की सूची
  7. नदियों के किनारे स्थित विश्व के प्रमुख शहर
  8. भारत के प्रमुख लोक नृत्य सूची
  9. नदियों के किनारे बसे भारत के प्रमुख शहर
  10. विश्व के प्रमुख देशों के समाचार पत्रों के नाम
  11. विश्व के प्रमुख देश, राजधानी एवं उनकी मुद्राओं की सूची
  12. महत्वपूर्ण राष्ट्रीय दिवस और अन्तर्राष्ट्रीय दिवस
  13. विश्व के प्रमुख भौगोलिक उपनाम की सूची
  14. विश्व के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र की सूचि
  15. प्रमुख व्यक्तियों के लोकप्रिय उपनाम की सूचि

Comments

Popular posts from this blog

Shri Shiv-stuti - नंदी की सवारी नाग अंगीकार धारी।

श्री शिव स्तुति | सरल और प्रभावी स्तुति का पाठ भोले शिव शंकर जी की स्तुति... ॐ नमः शिवाय | ॐ नमः शिवाय | ॐ नमः शिवाय | ॐ नमः शिवाय | ॐ नमः शिवाय भगवान शिव स्तुति : भगवान भोलेनाथ भक्तों की प्रार्थना से बहुत जल्द ही प्रसन्न हो जाते हैं। इसी कारण उन्हें 'आशुतोष' भी कहा जाता है। सनातन धर्म में सोमवार का दिन को भगवान शिव को समर्पित है। इसी कारण सोमवार को शिव का महाभिषेक के साथ साथ शिव की उपासना के लिए व्रत भी रखे जाते हैं। अपने परिवार के लिए सुख समृद्धि पाना के लिए सोमवार के दिन शिव स्तुति का जाप करना आपके लिए लाभकारी होगा और स्तुति का सच्चे मन से करने पर भोले भंडारी खुश होकर आशीर्वाद देते है। ॥ शिव स्तुति ॥ ॥ दोहा ॥ श्री गिरिजापति बंदि कर चरण मध्य शिर नाय। कहत गीता राधे तुम मो पर हो सहाय॥ कविता नंदी की सवारी नाग अंगीकार धारी। नित संत सुखकारी नीलकण्ठ त्रिपुरारी हैं॥ गले मुण्डमाला भारी सर सोहै जटाधारी। बाम अंग में बिहारी गिरिजा सुतवारी हैं॥ दानी बड़े भारी शेष शारदा पुकारी। काशीपति मदनारी कर शूल च्रकधारी हैं॥ कला जाकी उजियारी लख ...

jhaankee - झांकी उमा महेश की, आठों पहर किया करूँ।

भगवान शिव की आरती | BHAKTI GYAN भगवान शिव की आरती... ॐ नमः शिवाय: | ॐ नमः शिवाय: | ॐ नमः शिवाय: | ॐ नमः शिवाय: | ॐ नमः शिवाय: भगवान शिव की पूजा के समय मन के भावों को शब्दों में व्यक्त करके भी भगवान आशुतोष को प्रसन्न किया जा सकता है। भगवान शिव की आरती से हम भगवान भोलेनाथ के चरणों में अपने स्तुति रूपी श्रद्धासुमन अर्पित कर उनका कृपा प्रसाद पा सकते हैं। ॥ झांकी ॥ झांकी उमा महेश की, आठों पहर किया करूँ। नैनो के पात्र में सुधा, भर भर के मैं पिया करूँ॥ वाराणसी का वास हो, और न कोई पास हो। गिरजापति के नाम का, सुमिरण भजन किया करूँ॥ झांकी उमा महेश की....... जयति जय महेश हे, जयति जय नन्द केश हे। जयति जय उमेश हे, प्रेम से मै जपा करूँ॥ झांकी उमा महेश की....... अम्बा कही श्रमित न हो, सेवा का भार मुझको दो। जी भर के तुम पिया करो, घोट के मैं दिया करूँ॥ झांकी उमा महेश की....... जी मै तुम्हारी है लगन, खीचते है उधर व्यसन। हरदम चलायमान हे मन, इसका उपाय क्या करूँ॥ झांकी उमा महेश की....... भिक्षा में नाथ दीजिए, सेवा में मै रहा करूँ। बेकल हु नाथ रात दिन चैन...

Sri Shiva\Rudrashtakam\Shri Rudrashtakam Stotram

श्री शिव रुद्राष्टक स्तोत्र श्री शिव रुद्राष्टक स्तोत्र... !! जय श्री सीताराम !! जय श्री हनुमान !! जय श्री दुर्गा माँ !! भगवान शिव शंकर जी आसानी से प्रसन्न हो जाते हैं। यदि भक्त श्रद्धा पूर्वक एक लोटा जल भी अर्पित कर दे तो भी वे प्रसन्न हो जाते हैं। इसलिए उन्हें भोलेनाथ भी कहा जाता है। 'श्री शिव रुद्राष्टकम' अपने आप में अद्भुत स्तुति है। यदि कोई आपको परेशान कर रहा है तो किसी शिव मंदिर या घर में ही कुशा के आसन पर बैठकर लगातार 7 दिनों तक सुबह शाम 'रुद्राष्टकम' स्तुति का पाठ करने से भगवान शिव बड़े से बड़े शत्रुओं का नाश करते हैं और सदैव अपने भक्तों की रक्षा करते हैं। रामायण के अनुसार, मर्यादा पुरूषोत्तम भगवान श्रीराम ने रावण जैसे भयंकर शत्रु पर विजय पाने के लिए रामेशवरम में शिवलिंग की स्थापना कर रूद्राष्टकम स्तुति का श्रद्धापूर्वक पाठ किया था और परिणाम स्वरूप शिव की कृपा से रावण का अंत भी हुआ था। ॥ श्री शिव रुद्राष्टक स्तोत्र ॥ नमामीशमीशान निर्वाण रूपं, विभुं व्यापकं ब्रह्म वेदः स्वरूपम्। निजं निर्गुणं निर्विकल्पं निरीहं, चिदाकाश माकाशवासं भज...

Mata Chamunda Devi Chalisa - नमस्कार चामुंडा माता, तीनो लोक मई मई विख्याता

चामुण्डा देवी चालीसा | माता चामुंडा आरती, मंत्र व महिमा | Bhakti Gyan चामुण्डा देवी की चालीसा... हिंदू धर्म में माँ दुर्गा को शक्ति का सर्वोच्च स्वरूप माना गया है। भारतवर्ष में कुल 51 शक्तिपीठ हैं, जिनमें से एक प्रमुख शक्तिपीठ चामुण्डा देवी मंदिर है। यह मंदिर मुख्य रूप से माता काली को समर्पित है, जो शक्ति और संहार की देवी मानी जाती हैं। पुराणों के अनुसार जब-जब धरती पर अधर्म और संकट बढ़ा है, तब-तब माता ने दानवों का संहार कर धर्म की रक्षा की है। असुर चण्ड और मुण्ड के वध के कारण ही माता का नाम चामुण्डा पड़ा। श्री चामुण्डा देवी मंदिर को चामुण्डा नंदिकेश्वर धाम के नाम से भी जाना जाता है। यह मंदिर हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले की धर्मशाला तहसील में, पालमपुर शहर से लगभग 19 किलोमीटर दूर स्थित है। यह पवित्र धाम माता दुर्गा के एक दिव्य रूप श्री चामुण्डा देवी को समर्पित है। || चालीसा || ।। दोहा ।। नीलवरण मा कालिका रहती सदा प्रचंड, दस हाथो मई ससत्रा धार देती दुस्त को दांड्ड़ । मधु केटभ संहार कर करी धर्म की जीत, मेरी भी ...

Dwadash Jyotirlinga - सौराष्ट्रे सोमनाथं च श्रीशैले मल्लिकार्जुनम्।

सौराष्ट्रे सोमनाथं च श्रीशैले मल्लिकार्जुनम्। द्वादश ज्योतिर्लिंग... हिन्दू धर्म में यह माना जाता है कि जो मनुष्य प्रतिदिन प्रात:काल और संध्या के समय इन बारह ज्योतिर्लिंगों का नाम लेता है, उसके सात जन्मों का किया हुआ पाप इन लिंगों के स्मरण मात्र से मिट जाता है। श्री द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्रम् सौराष्ट्रे सोमनाथं च श्रीशैले मल्लिकार्जुनम्। उज्जयिन्यां महाकालमोंकारममलेश्वरम्॥१॥ परल्यां वैद्यनाथं च डाकिन्यां भीमाशंकरम्। सेतुबंधे तु रामेशं नागेशं दारुकावने॥२॥ वाराणस्यां तु विश्वेशं त्र्यंबकं गौतमीतटे। हिमालये तु केदारम् घुश्मेशं च शिवालये॥३॥ एतानि ज्योतिर्लिङ्गानि सायं प्रातः पठेन्नरः। सप्तजन्मकृतं पापं स्मरणेन विनश्यति॥४॥ Related Pages: श्रीहनुमदष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् चिन्तामणि षट्पदी स्तोत्र गणपतितालम् श्री कालभैरव अष्टकम् अंगना पधारो महारानी मोरी शारदा भवानी देवी भजन- इंद्राक्षी स्तोत्रम् श्री शिव प्रातः स्मरणस्तोत्रम् 12 प्रमुख ज्योतिर्लिंग राम रक्षा स्तोत्र संकटमोचन हनुमानाष्टक संस्कृत में मारुति स्तो...

Lingashtakam\Shiv\lingashtakam stotram-लिङ्गाष्टकम्

श्री लिंगाष्टकम स्तोत्र | शिव लिंगाष्टकम पाठ, अर्थ और लाभ लिंगाष्टकम् का महत्व और आध्यात्मिक लाभ... !! जय श्री सीताराम !! जय श्री हनुमान !! जय श्री दुर्गा माँ !! लिंगाष्टकम् भगवान शिव की महिमा का वर्णन करने वाला अत्यंत पवित्र और प्रभावशाली स्तोत्र है। इसमें शिवलिंग की स्तुति अत्यंत अद्भुत और सुंदर ढंग से की गई है। यह स्तोत्र शिवभक्तों के लिए आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त करता है। शिवलिंग की दिव्य महिमा: लिंगाष्टकम् में शिवलिंग को सुगंधित पुष्पों से सुशोभित, चंदन और कुमकुम के लेप से आच्छादित और विविध मालाओं से अलंकृत बताया गया है। शिवलिंग केवल एक प्रतीक नहीं, बल्कि सृष्टि, स्थिति और संहार के परम तत्व का प्रतीक है। यह बुद्धि में वृद्धि करने वाला, मन को पवित्र करने वाला और साधक के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने वाला दिव्य स्वरूप है। ॥ लिंगाष्टकम स्तोत्र ॥ ब्रह्ममुरारिसुरार्चितलिङ्गं निर्मलभासितशोभितलिङ्गम् । जन्मजदुःखविनाशकलिङ्गं तत् प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम् ॥१॥ देवमुनिप्रवरार्चितलिङ्गं कामदहं करुणाकरलिङ्गम् । रावणदर...

Suryakavach/सूर्य कवच संस्कृत में/Suryasya Kavach

सूर्य कवच | मूल संस्कृत पाठ, लाभ, मन्त्र एवं महत्व सूर्य कवच — महत्व और लाभ... सूर्य कवच एक रक्षात्मक स्तोत्र है। इसका पाठ करने से शरीर स्वस्थ रहता है और सौभाग्य की प्राप्ति होती है। सूर्य देव को जीवनशक्ति, तेज और ओज का प्रदाता माना गया है; अतः इस कवच का पाठ तन, मन और आत्मा पर सकारात्मक प्रभाव डालता है। पौराणिक महत्व: पुराणों के अनुसार, मकर संक्रांति के पावन दिन यदि इस कवच का पाठ किया जाए तो उसका फल अत्यधिक माना गया है। परंपरा यह बताती है कि इस दिन किया गया पाठ सात पीढ़ियों तक रक्षा प्रदान कर सकता है। मकर संक्रांति और उत्तरायण: मकर संक्रांति के समय सूर्या उत्तरायण होते हैं — अर्थात् सूर्य का चक्र उत्तर दिशा की ओर बढ़ना प्रारम्भ करता है। यह समय आध्यात्मिक अभ्यास, तप और साधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है, इसलिए सूर्य कवच का पाठ इस दिन विशेष प्रभावकारी होता है। सूर्य कवच Play Audio श्री गणेशाय नमः शृणुष्व मुनिशार्दूल सूर्यस्य कवचं शु...