श्री कृष्ण अष्टकम श्री कृष्ण अष्टकम | सम्पूर्ण पाठ और लाभ... श्री कृष्ण अष्टकम में भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य महिमा का अत्यंत सुंदर वर्णन किया गया है। इसमें उन्हें व्रजभूमि का अलंकार, भक्तों के हृदय को आनंद देने वाले तथा संसार के समस्त पापों का नाश करने वाले परम करुणामय भगवान के रूप में प्रस्तुत किया गया है। इस स्तोत्र के प्रत्येक श्लोक में श्रीकृष्ण की मनोहर छवि, उनकी मधुर बांसुरी, भक्तों के प्रति उनका प्रेम और उनकी कृपा का वर्णन मिलता है। जो भी भक्त श्रद्धा और भक्ति के साथ श्री कृष्ण अष्टकम का पाठ करता है, उसके जीवन में शांति, प्रेम और आध्यात्मिक आनंद का संचार होता है। यह स्तुति हमें यह भी सिखाती है कि भगवान श्रीकृष्ण केवल व्रज के ही नहीं, बल्कि समस्त संसार के पालनकर्ता और रक्षक हैं। उनकी भक्ति से मन के दुख, भय और पाप नष्ट हो जाते हैं तथा भक्त को सच्चे सुख और मोक्ष का मार्ग प्राप्त होता है। श्री कृष्ण अष्टकम भजे व्रजैकमण्डनं समस्तपापखण्डनं, स्वभक्तचित्तरंजनं सदैव नन्दनन्दनम्। सुपिच्छगुच्छमस्तकं सुनादवेणुहस्तकं, अनं...
भक्ति ज्ञान
जीवने यत् प्राप्तम् तदर्थं कृतज्ञतां धारयतु, यत् न प्राप्तम् तदर्थं धैर्यं धारयतु।