लघु शिव रुद्राभिषेक स्तोत्र...
लघु शिव रुद्राभिषेक स्तोत्र भगवान शिव की आराधना हेतु अत्यंत पवित्र और प्रभावशाली स्तोत्र है। यह स्तोत्र रुद्राभिषेक के समय विशेष रूप से पाठ किया जाता है। इसमें भगवान शिव के विभिन्न दिव्य स्वरूपों और उनके गुणों का सुंदर वर्णन मिलता है।
यह स्तोत्र भक्तों को मानसिक शांति, आध्यात्मिक शक्ति और शिव कृपा प्रदान करने वाला माना जाता है।
लघु शिव रुद्राभिषेक स्तोत्र का महत्व:
- यह स्तोत्र भगवान शिव के रुद्र स्वरूप को प्रसन्न करने वाला है।
- रुद्राभिषेक के समय इसका पाठ करने से विशेष फल प्राप्त होता है।
- जीवन की बाधाओं, रोगों और संकटों से मुक्ति मिलती है।
- साधक के पापों का क्षय होता है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
॥ लघु शिव रुद्राभिषेक स्तोत्र ॥
पाठ के विशेष लाभ:
11 बार पाठ या अभिषेक करने से लघु रुद्र पाठ का फल प्राप्त होता है।
121 बार पाठ करने से महारुद्र अनुष्ठान के समान पुण्य फल मिलता है।
यह स्तोत्र साधक को भय, चिंता और मानसिक अशांति से मुक्त कर जीवन में स्थिरता प्रदान करता है।
रुद्राभिषेक में प्रयोग:
रुद्राभिषेक के दौरान शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र, चंदन आदि अर्पित करते हुए इस स्तोत्र का श्रद्धा से पाठ किया जाता है।
विशेष अवसर:
- सोमवार
- सावन मास
- महाशिवरात्रि
- प्रदोष व्रत
इन दिनों पाठ करना अत्यंत शुभ और फलदायक माना जाता है।
लघु शिव रुद्राभिषेक स्तोत्र हमें यह सिखाता है कि भक्ति और समर्पण से ही शिव कृपा प्राप्त होती है। शिव केवल संहारक नहीं, बल्कि करुणा और कल्याण के देव हैं।
जो साधक सच्चे मन से इस स्तोत्र का जप करता है, उसके जीवन में शांति, साहस और सकारात्मक परिवर्तन आता है।
लघु शिव रुद्राभिषेक स्तोत्र एक सरल किन्तु अत्यंत शक्तिशाली स्तुति है। नियमित पाठ करने से भक्त को आध्यात्मिक उन्नति और शिव आशीर्वाद की प्राप्ति होती है।

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