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laghu-shiv-rudrabhishek-stotra/लघु शिव रुद्राभिषेक स्तोत्र

लघु शिव रुद्राभिषेक स्तोत्र | शिव कृपा प्राप्ति का दिव्य स्तोत्र

लघु शिव रुद्राभिषेक स्तोत्र...

लघु शिव रुद्राभिषेक स्तोत्र शिवलिंग चित्र

लघु शिव रुद्राभिषेक स्तोत्र भगवान शिव की आराधना हेतु अत्यंत पवित्र और प्रभावशाली स्तोत्र है। यह स्तोत्र रुद्राभिषेक के समय विशेष रूप से पाठ किया जाता है। इसमें भगवान शिव के विभिन्न दिव्य स्वरूपों और उनके गुणों का सुंदर वर्णन मिलता है।

यह स्तोत्र भक्तों को मानसिक शांति, आध्यात्मिक शक्ति और शिव कृपा प्रदान करने वाला माना जाता है।

लघु शिव रुद्राभिषेक स्तोत्र का महत्व:

  • यह स्तोत्र भगवान शिव के रुद्र स्वरूप को प्रसन्न करने वाला है।
  • रुद्राभिषेक के समय इसका पाठ करने से विशेष फल प्राप्त होता है।
  • जीवन की बाधाओं, रोगों और संकटों से मुक्ति मिलती है।
  • साधक के पापों का क्षय होता है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

॥ लघु शिव रुद्राभिषेक स्तोत्र ॥

ॐ सर्वदेवायो नमः ।
ॐ नमो भवाय शर्वाय रुद्राय वरदाय च ।
पशूनां पतये नित्यं उग्राय च कपर्दिने ॥ 1 ॥

महादेवाय भीमाय त्र्यम्बकाय शिवाय च ।
ईशानाय मखध्वंसाय नमस्ते मखघातिने ॥ 2 ॥

कुमारगुरवे नित्यं नीलग्रीवाय वेधसे ।
विलोहिताय धूम्राय व्याधिने च पराजिते ॥ 3 ॥

नित्यं नीलशिखण्डाय शूलिने दिव्यचक्षुषे ।
हन्त्रे गोप्त्रे त्रिनेत्राय व्याघ्राय च सुरेश्वर ॥ 4 ॥

अचिन्त्यविक्रमाय सर्वदेवस्तुताय च ।
वृषध्वजाय मुंडाय जटिने ब्रह्मचारिणे ॥ 5 ॥

तपसानाय सलिलाय ब्रह्मण्याय जिताय च ।
विश्वात्मने विश्वरूपे विष्णुमूर्ते नमोऽस्तु ते ॥ 6 ॥

नमो नमस्ते सत्याय भूतानां प्रभवे नमः ।
पञ्चवक्त्राय शर्वाय शंकराय शिवाय च ॥ 7 ॥

नमोस्तु वाचस्पतये प्रजानां पतये नमः ।
नमो विश्वस्य पतये महतां पतये नमः ॥ 8 ॥

नमः सहस्रशीर्षाय सहस्रभुजमूर्तये ।
सहस्रनेत्रपादाय नमः सांख्याय कर्मणे ॥ 9 ॥

नमो हिरण्यवर्णाय हिरण्यकवचाय च ।
भक्तानुकम्पिने नित्यं सिद्ध्यन्तां नो वराः प्रभो ॥ 10 ॥

एवं स्तुत्वा महादेवं वासुदेवः सहार्जुनः ।
प्रसादयामास भवं तदा शत्रुपराभवः ॥ 11 ॥

॥ रुद्राभिषेक सम्पूर्ण ॥
॥ अस्तु ॥

पाठ के विशेष लाभ:

11 बार पाठ या अभिषेक करने से लघु रुद्र पाठ का फल प्राप्त होता है।

121 बार पाठ करने से महारुद्र अनुष्ठान के समान पुण्य फल मिलता है।

यह स्तोत्र साधक को भय, चिंता और मानसिक अशांति से मुक्त कर जीवन में स्थिरता प्रदान करता है।

रुद्राभिषेक में प्रयोग:

रुद्राभिषेक के दौरान शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र, चंदन आदि अर्पित करते हुए इस स्तोत्र का श्रद्धा से पाठ किया जाता है।

विशेष अवसर:

  • सोमवार
  • सावन मास
  • महाशिवरात्रि
  • प्रदोष व्रत

इन दिनों पाठ करना अत्यंत शुभ और फलदायक माना जाता है।


लघु शिव रुद्राभिषेक स्तोत्र हमें यह सिखाता है कि भक्ति और समर्पण से ही शिव कृपा प्राप्त होती है। शिव केवल संहारक नहीं, बल्कि करुणा और कल्याण के देव हैं।

जो साधक सच्चे मन से इस स्तोत्र का जप करता है, उसके जीवन में शांति, साहस और सकारात्मक परिवर्तन आता है।

लघु शिव रुद्राभिषेक स्तोत्र एक सरल किन्तु अत्यंत शक्तिशाली स्तुति है। नियमित पाठ करने से भक्त को आध्यात्मिक उन्नति और शिव आशीर्वाद की प्राप्ति होती है।

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