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Navagraha-Gayatri-Mantra-Benefits/नवग्रह गायत्री मंत्र

नवग्रह गायत्री मंत्र | सम्पूर्ण मंत्र, लाभ, जप विधि | Bhakti Gyan नवग्रह गायत्री मंत्र: जीवन में सुख, शांति और सकारात्मक ऊर्जा का दिव्य स्रोत... हिंदू धर्म के नौ ग्रहों— सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु और केतु —को समर्पित पवित्र गायत्री मंत्र हैं। इन मंत्रों का नियमित जप से ग्रहों की शुभता बढ़ाने, मानसिक शांति प्राप्त करने और जीवन की बाधाओं को दूर करने में सहायक माना जाता है। इन मंत्रों के जप से नौ ग्रहों की कृपा प्राप्त होती है और ग्रह दोषों का प्रभाव कम होता है। सूर्य गायत्री मंत्र ॐ आदित्याय विद्महे प्रभाकराय धीमहि तन्नः सूर्यः प्रचोदयात्॥ चंद्र गायत्री मंत्र ॐ अमृताङ्गाय विद्महे कलारूपाय धीमहि तन्नः सोमः प्रचोदयात्॥ मंगल गायत्री मंत्र ॐ अङ्गारकाय विद्महे शक्तिहस्ताय धीमहि तन्नः भौमः प्रचोदयात्॥ बुध गायत्री मंत्र ॐ सौम्यरूपाय विद्महे वाणीशाय धीमहि तन्नः सौम्यः प्रचोदयात्॥ गुरु गायत्री मंत्र ॐ अङ्गिरसाय विद्महे दिव्यदेहाय धीमहि तन्नो जीवः प्रचोदय...

Brihaspati-Chalisa-Devaguru-Brihaspati/श्री बृहस्पति चालीसा

श्री बृहस्पति चालीसा - ज्ञान, शिक्षा और वैवाहिक सुख हेतु दिव्य पाठ श्री बृहस्पति चालीसा... "श्री बृहस्पति चालीसा" एक श्रद्धापूर्ण स्तुति है, जो देवगुरु बृहस्पति को समर्पित है — वे जो नवग्रहों में ज्ञान, नीति, धर्म और विवेक के प्रतीक माने जाते हैं। यह चालीसा विशेष रूप से उन श्रद्धालुओं के लिए है जो जीवन में बुद्धि, वाणी की मधुरता, व्यापार में सफलता, संतान और विवाह संबंधी समस्याओं से मुक्ति, और संतुलित व धर्मयुक्त जीवन की कामना करते हैं। देवगुरु बृहस्पति का नित्य स्मरण और यह चालीसा पाठ शिक्षा, निर्णय क्षमता, आध्यात्मिक उन्नति, वाणी की शक्ति, और गुरु ग्रह की कृपा को प्राप्त करने का एक प्रभावशाली उपाय है। || श्री बृहस्पति चालीसा || (देवगुरु बृहस्पति को समर्पित) ॥ दोहा ॥ नमन करूँ गुरुवर चरण, बुद्धि, ज्ञान के धाम। दीन-दुखी की सुधि लो सदा, कर दो सबके काम॥ ॥ चौपाई ॥ जय बृहस्पति ज्ञान के दाता। सुर मुनिजन के हो सुखदाता॥ पीताम्बर तन तेज अपारा। रत्न जटित मुकुट सिर प्यारा॥ हाथ कमंडल, माला धारे। करुणा दृष्टि सब पर वारे॥ बुद्धि, विवेक, धर्...