राहु ग्रह को समर्पित चालीसा — शांति, कृपा और कल्याण राहु ग्रह को समर्पित चालीसा... राहु ग्रह को समर्पित यह चालीसा उनके अशुभ प्रभावों को शांत करने, कालसर्प दोष का निवारण करने और जीवन में सफलता प्राप्त करने का सशक्त साधन है। राहु ग्रह ज्योतिष में एक छाया ग्रह माने जाते हैं। ये ग्रह जीवन में अचानक परिवर्तन, भौतिक सुख-सुविधाएँ, इच्छाएँ, बाधाएँ और मानसिक अशांति से जुड़े होते हैं। यदि राहु की स्थिति कुंडली में अशुभ हो, तो यह कालसर्प दोष, पितृ दोष, आर्थिक संकट, मानसिक तनाव और शत्रु बाधाओं जैसी समस्याएँ उत्पन्न कर सकते हैं। ऐसे में राहु चालीसा का नियमित पाठ अत्यंत लाभकारी होता है। ॥ श्री राहु चालीसा ॥ ॥ दोहा ॥ नमो नमः श्री राहु सुखकारी। कष्ट हरन, कृपा करन, भक्त-हित उन्मुख भारी॥ जयति जयति प्रभु राहु महाराज। भव-बंधन हरि, करहु सेवक का काज॥ ॥ चौपाई ॥ जयति जयति श्री राहु दयाला। सदा भक्तन के संकट हारा॥ सर्पाकार, फणी धर शेषा। राहु देव, स...
जीवने यत् प्राप्तम् तदर्थं कृतज्ञतां धारयतु, यत् न प्राप्तम् तदर्थं धैर्यं धारयतु।