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Showing posts with the label व्रत कथा

Full moon\Purnima\2023 mein purnima kab kab hai

2023 में पूर्णिमा के तिथि | BHAKTI GYAN 2023 में पूर्णिमा के तिथि... हिन्दू पंचांग के अनुसार प्रत्येक महीने की शुक्ल पक्ष की अंतिम तिथि को पूर्णिमा कहते हैं। हिन्दू पंचांग के तिथि में चन्द्रमा के अनुसार ही बदलती है। पूर्णिमा क्या होता है? इस दिन आकाश में चंद्रमा अपने पूर्ण रूप में होता है। पूर्णिमा की रात हर 30 दिन बाद आती है यह ऐसा कहा जा सकता है कि पूर्णिमा एक महीने में एक बार आती है। चन्द्रमा के घटते और बढते हुए को पक्ष कहा जाता है दो प्रकार के होते है शुक्ल पक्ष और कृष्णपक्ष। पूर्णिमा का भारतीय लोगों के जीवन में एक अलग ही महत्व है। हर महीने में की पूर्णिमा को कोई न कोई व्रत या त्यौहार ज़रूर मनाया जाता है। गांव अथवा शहर या अलग अलग जगहों पर पूर्णिमा को कई अलग तरह के नामों से जाना जाता है। इसे पौर्णिमी या पूर्णमासी भी कहते है। 2023 में पूर्णिमा तिथि दिनांक त्यौहार प्रारम्भ समाप्त शुक्रवार, 06 जनवरी पौष पूर्णिमा व्रत 5 जनवरी को रात 02:14 बजे से 6 जनवरी रात 04:37 बजे तक रविवार, 05 फरवरी माघ पूर्णिमा व्रत 4 फरवरी को रात 09:29 बजे से ...

About "Shri Mad-Bhagavad Gita"/These things every Hindu should know

Being a Hindu it is important to know | ये बातें हर हिन्दू को जानना जरूरी है ये बातें हर हिंदू को पता होनी चाहिए...... सनातन धर्म से जुड़ी ऐसे महत्वपूर्ण बातों के बारे में बताएंगे, जिसे हर हिन्दू को जानना जरूरी है। आइये जानते हैं हिन्दू धर्म से जुड़ी वे महत्वपूर्ण बातें जो पता होनी चाहिए। "श्री मद्-भगवत गीता"के बारे में- ॐ . किसको किसने सुनाई? उ.- श्रीकृष्ण ने अर्जुन को सुनाई। ॐ . कब सुनाई? उ.- आज से लगभग 7 हज़ार साल पहले सुनाई। ॐ . भगवान ने किस दिन गीता सुनाई? उ.- रविवार के दिन। ॐ . कोनसी तिथि को? उ.- एकादशी ॐ . कहा सुनाई? उ.- कुरुक्षेत्र की रणभूमि में। ॐ . कितनी देर में सुनाई? उ.- लगभग 45 मिनट में ॐ . क्यू सुनाई? उ.- कर्त्तव्य से भटके हुए अर्जुन को कर्त्तव्य सिखाने के लिए और आने वाली पीढियों को धर्म-ज्ञान सिखाने के लिए। ॐ . कितने अध्याय है? उ.- कुल 18 अध्याय ॐ . कितने श्लोक है? उ.- 700 श्लोक ॐ . गीता में क्या-क्या बताया गया है? उ.- ज्ञान-भक्ति-कर्म योग मार्गो की विस्तृत व्याख्या की गयी है, इन मार्गो पर चलने से व्यक्ति निश्...

Being a Hindu it is important to know/These things every Hindu should know

Being a Hindu it is important to know | ये बातें हर हिन्दू को जानना जरूरी है हिन्दु हाेने के नाते जानना ज़रूरी है... सनातन केवल एक धर्म ही नहीं है, बल्कि एक सफल जीवन जीने के तरीकों के तौर पर भी देखा जा सकता है। सनातन का अर्थ होता है जो न तो अग्नि, न वायु. न पानी और ना ही अस्त्र से नष्ट हो और धर्म का अर्थ होता है जीवन जीने की कला। आज आपको हिन्दू धर्म से जुड़ी ऐसे महत्वपूर्ण बातों के बारे में बताएंगे, जिसे हर हिन्दू को जानना जरूरी है। आइये जानते हैं हिन्दू धर्म से जुड़ी वे महत्वपूर्ण बातें। ये बातें हर हिन्दू को जानना जरूरी है दो पक्ष - कृष्ण पक्ष , शुक्ल पक्ष तीन ऋण - देव ऋण, पितृ ऋण, ऋषि ऋण चार युग - सतयुग, त्रेतायुग, द्वापरयुग, कलियुग चार धाम - द्वारिका, बद्रीनाथ, जगन्नाथ पुरी, रामेश्वरम धाम चारपीठ - शारदा पीठ (द्वारिका), ज्योतिष पीठ (जोशीमठ बद्रिधाम), गोवर्धन पीठ (जगन्नाथपुरी), शृंगेरीपीठ चार वेद - ऋग्वेद, अथर्वेद, यजुर्वेद, सामवेद चार आश्रम - ब्रह्मचर्य, गृहस्थ, वानप्रस्थ, संन्यास चार अंतःकरण - मन, बुद्धि, चित्त, अहंकार पञ्च गव्य - गाय का घी, दूध, दही, गोमूत्...

12 Jyotirlingas/dedicated to Lord Shiva

भारत में बारह ज्योतिर्लिंग के नाम भारत में बारह ज्योतिर्लिंग के नाम... शिव ज्योतिर्लिंग हिन्दू आस्था के बड़े केन्द्र हैं, जो भगवान शिव को समर्पित सबसे प्रतिष्ठित और पवित्र स्थलों में से एक है। ज्योतिर्लिंग एक प्रकार के दिव्य स्तंभ या स्तंभ को संदर्भित करता है, जिसके बारे में कहा जाता है कि यह प्रकाश और चमक की किरणों का उत्सर्जन करता है, जो सर्वशक्तिमान की उपस्थिति का प्रतिनिधित्व करता है। कुल मिलाकर बारह प्रमुख ज्योतिर्लिंग हैं, जो पूरे भारत और दक्षिण एशिया के अन्य हिस्सों में फैले हुए हैं। माना जाता है कि प्रत्येक ज्योतिर्लिंग में स्वयं भगवान शिव निवास करते हैं और इस शक्तिशाली देवता के भक्तों के लिए अत्यधिक आध्यात्मिक महत्व रखते हैं। चाहे आप आशीर्वाद, आंतरिक शांति, या बस अपने आध्यात्मिक पक्ष से जुड़ना चाहते हों, एक या एक से अधिक शिव ज्योतिर्लिंग पर श्रद्धांजलि अर्पित करने से आप शिव भगवान के करीब आ जाएंगे। 12 ज्योतिर्लिंग, उत्तर में केदारनाथ (उत्तराखंड) है, तो दक्षिण में रामेश्वरम (तमिलनाडु) है। ऐसे ही पूर्व में वैद्यनाथ (झारखंड) है, तो पश्चिम में नागेश्वर (ग...

When is Janmashtami 2021- know the importance of Bhadra Krishna Ashtami date in Hinduism

श्री कृष्ण जन्माष्टमी कब है? इस वर्ष जन्‍माष्‍टमी 30 अगस्‍त सोमवार को श्री कृष्ण जन्माष्टमी का पावन पर्व मनाया जाएगा। हिंदू पंचांग के अनुसार, भाद्रमास के कृष्‍ण पक्ष की अष्‍टमी तिथि का आरंभ 29 अगस्‍त को रविवार को रात 11 बजकर 25 मिनट पर होगा। अष्‍टमी तिथि 30 अगस्‍त को रात में 1 बजकर 59 मिनट तक रहेगी। इस हिसाब से व्रत के लिए उदया तिथि को मानते हुए 30 अगस्‍त को जन्‍माष्‍टमी होगी। इसलिए देश भर में जन्‍माष्‍टमी 30 अगस्‍त को मनाई जाएगी। पूजा का शुभ मुहूर्त 30 अगस्‍त की रात को 11 बजकर 59 मिनट से 12 बजकर 44 मिनट तक रहेगा। श्री कृष्ण जन्माष्टमी का महत्व: सनातन धर्म में कृष्‍ण जन्‍माष्‍टमी को पौराणिक मान्‍यताओं के अनुसार, भगवान कृष्‍ण का जन्‍म भाद्र मास के कृष्‍ण पक्ष की अष्‍टमी को हुआ था। इस तिथि को भगवान कृष्‍ण के जन्‍मोत्‍सव के रूप में मनाया जाता है इस दिन भगवान कृष्‍ण के भक्‍त विधि विधान से उनका व्रत करते हैं। इस दिन पूरे श्रृद्धा भाव से पूजा करने से भगवान सबकी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। वहीं ज्‍योतिष में भी इस व्रत का खास महत्‍व होता है। जिन लोगों की कुंडली में चंद्रमा कमजोर होता है उन...