पार्वती वल्लभ अष्टकम् का महत्व और लाभ | Shiv Bhakti Stotra पार्वती वल्लभ अष्टकम् – शिव भक्ति का दिव्य स्तोत्र... पार्वती वल्लभ अष्टकम् भगवान शिव की स्तुति में रचित एक अत्यंत पवित्र और प्रभावशाली स्तोत्र है। इस दिव्य रचना में शिवजी के अनेक स्वरूपों, गुणों, करुणा, वैराग्य और महिमा का अत्यंत सुंदर वर्णन मिलता है। “पार्वती वल्लभ” का अर्थ है — माता पार्वती के प्रिय स्वामी, अर्थात भगवान शिव। यह स्तोत्र भक्तों के लिए आध्यात्मिक ऊर्जा, शांति और शिव कृपा प्राप्त करने का श्रेष्ठ माध्यम माना जाता है। ॥ पार्वती वल्लभ अष्टकम् ॥ नमो भूतनाथ नमो देवदेवं नमः कालकालं नमो दिव्यतेजम्। नमः कामभस्मं नमः शांतशीलं भजे पार्वतीवल्लभं नीलकंठम् ॥1॥ सदा तीर्थसिद्धं सदा भक्तरक्षं सदा शैवपूज्यं सदा शुभ्रमक्षम। सदा ध्यानयुक्तं सदा ज्ञानतत्त्वं भजे पार्वतीवल्लभं नीलकंठम् ॥2॥ श्मशाने शयानं महारण्यवासं शरीरं गजानां सदा पार्वतेशम्। पिशाचाधिनाथं पशुना पतिं च भजे पार्वतीवल्लभं नीलकंठम् ॥3॥ फणीभूषणं भुजगालंकृतांगं गले रुद्रमालं महावीरशूरम्। कट्यां व्याघ...
जीवने यत् प्राप्तम् तदर्थं कृतज्ञतां धारयतु, यत् न प्राप्तम् तदर्थं धैर्यं धारयतु।