श्री लक्ष्मी चालीसा श्री लक्ष्मी चालीसा और आरती... !! जय श्री सीताराम !! जय श्री हनुमान !! जय माँ दुर्गा !! श्री लक्ष्मी जी को धन, समृद्धि और वैभव की अधिष्ठात्री देवी माना गया है। माँ लक्ष्मी के पूजन का विशेष महत्व शुक्रवार के दिन होता है। जो भक्त श्रद्धा और विश्वासपूर्वक प्रतिदिन माँ लक्ष्मी का स्मरण एवं पूजन करते हैं, उनके जीवन में कभी दरिद्रता या आर्थिक कष्ट नहीं आता। देवी लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए लक्ष्मी चालीसा का पाठ अत्यंत फलदायी माना गया है। इसके नियमित पाठ से घर-परिवार में धन, सुख, सौभाग्य और समृद्धि का वास होता है तथा जीवन में आर्थिक स्थिरता प्राप्त होती है। ‘श्री लक्ष्मी चालीसा’ की रचना भक्त रामदास ने की थी। इस चालीसा का पाठ माँ लक्ष्मी के चरणों में श्रद्धा भाव से करने पर देवी की कृपा सहज प्राप्त होती है और मनुष्य का जीवन दिव्यता से आलोकित हो जाता है। श्री लक्ष्मी चालीसा ॥ दोहा ॥ मातु लक्ष्मी करि कृपा, करो हृदय में वास। मनोकामना सिद्घ करि,...
जीवने यत् प्राप्तम् तदर्थं कृतज्ञतां धारयतु, यत् न प्राप्तम् तदर्थं धैर्यं धारयतु।