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mangalikaran-vishnu-stotram/vishnu/मङ्गलीकरण विष्णुस्तोत्रम्

मङ्गलीकरण विष्णुस्तोत्रम् | सम्पूर्ण पाठ, महत्व, लाभ एवं फलश्रुति मङ्गलीकरण विष्णुस्तोत्रम् - सम्पूर्ण पाठ... मङ्गलीकरण विष्णुस्तोत्रम् भगवान श्री विष्णु को समर्पित एक अत्यंत पवित्र स्तोत्र है। इस स्तोत्र का पाठ जीवन में शुभता, समृद्धि, सुख-शांति तथा सभी प्रकार के पापों और बाधाओं के नाश के लिए किया जाता है। शास्त्रों के अनुसार जो भक्त प्रतिदिन श्रद्धापूर्वक इस स्तोत्र का पाठ करता है, उसे भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है। ॥ मङ्गलीकरण विष्णुस्तोत्रम् ॥ ॥१॥ मङ्गलं भगवान् विष्णुः मङ्गलं गरुडध्वजः । मङ्गलं पुण्डरीकाक्षः मङ्गलाय तनो हरिः ॥ ॥२॥ मङ्गलं लक्ष्मणो भ्राता मङ्गलं जानकीवरः । मङ्गलं सुन्दरो रामो मङ्गलं हनुमत्प्रियः ॥ ॥३॥ मङ्गलं परमानन्दो मङ्गलं परमेश्वरः । मङ्गलं श्रीपतिः स्वामी मङ्गलं पद्मलोचनः ॥ ॥४॥ मङ्गलं करुणासिन्धुः मङ्गलं विश्वपालकः । मङ्गलं सच्चिदानन्दो मङ्गलं जगदीश्वरः ॥ ॥५॥ मङ्गलं श्रीरङ्गनाथो मङ्गलं पुरुषोत्तमः । मङ्गलं कमलाकान्तो मङ्गलं भक्तवत्सलः ॥ ॥६॥ मङ्गलं कमलानन्दो मङ्गलं कमलालयः । मङ्गलं...

Narsingh-Chalisa-Narsimha-bhagwan-Chalisa/श्री नरसिंह चालीसा

श्री नरसिंह चालीसा | Narasimha Chalisa in Hindi - संकट से रक्षा और रोग मुक्ति श्री नरसिंह चालीसा... श्री नरसिंह चालीसा का पवित्र और भक्तिभाव से परिपूर्ण पाठ। श्री नरसिंह भगवान, श्री विष्णु के उग्र अवतार हैं, जो भक्त प्रह्लाद की रक्षा हेतु प्रकट हुए और अधर्मी हिरण्यकश्यप का वध किया। श्री नरसिंह चालीसा भगवान विष्णु के नरसिंह अवतार की स्तुति में रचित एक प्रभावशाली स्तोत्र है, जो संकटों से रक्षा, शत्रुनाश, रोगमुक्ति और भक्त की समस्त इच्छाओं की पूर्ति के लिए उत्तम माना जाता है। ॥ श्री नरसिंह चालीसा ॥ (श्री हरि के उग्र और करुणामयी स्वरूप की वंदना) ॥ दोहा ॥ जय नरसिंह भगवान की, जय जय रक्षक नाम। भक्त प्रह्लाद उबारे जो, कीन्हो जग में काम॥ ॥ चौपाई ॥ मास वैशाख कृतिका युत, हरण मही को भार। शुक्ल चतुर्दशी सोम दिन, लियो नरसिंह अवतार।।१।। धन्य तुम्हारो सिंह तनु, धन्य तुम्हारो नाम। तुमरे सुमरन से प्रभु, पूरन हो सब काम।।२।। नरसिंह देव में सुमरों तोहि धन बल विद्या दान दे मोहि।।३।। जय-जय नरसिंह कृपाला करो सदा भक्तन प्रतिपाला।।४।। विष्णु के अवतार दयाल...

Shree Vishnu Padya Pushpanjali Stotra/अथ श्रीविष्णुगद्यपुष्पांजलीस्तोत्रं

श्रीविष्णुगद्यपुष्पांजलीस्तोत्रम् श्रीविष्णुगद्यपुष्पांजलीस्तोत्रम्... ॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय ॥ अथ श्रीविष्णुगद्यपुष्पांजलीस्तोत्रं ॥ Play Audio ॥ अथ श्रीविष्णुगद्यपुष्पांजलीस्तोत्रं ॥ जय गोपालक जय गरुड़ध्वज जय माधव वैकुंठपते ॥ जय गोविंद जनार्दन यादव जय केशव जय भक्तनिधे ॥ जय दामोदर जय पुरुषोत्तम जय कंसासना विश्वपते ॥ जय जय पतित उद्धारण श्रीधर भक्तजन प्रतिपालकृते ॥ जय परमाद्भुत जय जगद रक्षक जय भार्गव श्री कृष्ण प्रभो ॥ जय मधुसूदन दैत्य विदारण विश्व प्रभोदनि विश्वकृते ॥ जय भवताप निवारण ईश्वर जय वामन जय भाद्रपते ॥ जय जय पतित उद्धारण श्रीधर भक्तजन प्रतिपालकृते ॥ जय परमामृत मंगलदायक पंकज लोचन विश्वधूर्त ॥ जय विष्णो रघुराम सुदर्शन जय रक्षक वर कीर्तिकृते ॥ जय नारायण विश्व...

Shri Hari Stotram - Stotras of Lord Vishnu/श्री हरि स्तोत्रम्

श्री हरि स्तोत्र भगवान विष्णु के लोकप्रिय स्तोत्रों में से एक है। श्री हरि स्तोत्रम्... हरि ॐ| हरि ॐ | हरि ॐ | हरि ॐ | हरि ॐ श्री हरि स्तोत्र भगवान विष्णु के लोकप्रिय स्तोत्रों में से एक है। जो व्यक्ति प्रतिदिन श्री हरि स्तोत्र का स्मरण करता है, उसे निश्चय ही भगवान विष्णु की प्राप्ति होती है और वह पुनर्जन्म के कष्ट से मुक्त हो जाता है। श्री हरि स्तोत्रम् पढ़ने से निश्चित ही धन धान्य की प्राप्ति कीर्ति में बढ़ोतरी होती है तथा सारे कष्ट दूर हो जाते हैं और जीवन में प्रेम और आनंद का संचार होता है। आइए, श्री हरि स्तोत्रम् पढ़ें। ॥ श्री हरि स्तोत्रम् ॥ जगज्जालपालं चलत्कण्ठमालंशरच्चन्द्रभालं महादैत्यकालं नभोनीलकायं दुरावारमायंसुपद्मासहायम् भजेऽहं भजेऽहं॥१॥ सदाम्भोधिवासं गलत्पुष्पहासंजगत्सन्निवासं शतादित्यभासं गदाचक्रशस्त्रं लसत्पीतवस्त्रंहसच्चारुवक्त्रं भजेऽहं भजेऽहं॥२॥ रमाकण्ठहारं श्रुतिव्रातसारंजलान्तर्विहारं धराभारहारं चिदानन्दरूपं मनोज्ञस्वरूपंध्रुतानेकरूपं भजेऽहं भजेऽहं॥३॥ जराजन्महीनं परानन्दपीनंसमाधानलीनं सदैवानवीनं जगज्जन्महेतुं सुरानी...

Vishnu Stuti/Shantakaram Bhujagashayanam-शान्ताकारं भुजंगशयनं पद्मनाभं सुरेशं

श्री विष्णु स्तुति: शान्ताकारं भुजंगशयनं पद्मनाभं सुरेशं श्री विष्णु स्तुति: शान्ताकारं भुजंगशयनं पद्मनाभं सुरेशं... श्री हरि विष्णु | श्री हरि विष्णु | श्री हरि विष्णु | श्री हरि विष्णु | श्री हरि विष्णु भगवान श्रीं हरि विष्णु के इस मंत्र का नियमित जाप करने से साधक निडर बन जाता है क्योंकि यह मंत्र अवास्तविक दुनिया के डरो से बाहर निकालने का काम करता है। विष्णु शान्ताकारं मंत्र का जाप सुबह जल्दी उठकर करना चाहिए भगवान की मूर्ति के सामने दीपक जलाकर भगवान को पानी व प्रसाद का भोग लागए और इस मंत्र का जाप करें। || विष्णु शान्ताकारं मंत्र || शान्ताकारं भुजंगशयनं पद्मनाभं सुरेशं विश्वाधारं गगन सदृशं मेघवर्ण शुभांगम् । लक्ष्मीकांत कमलनयनं योगिभिर्ध्यानगम्यं वन्दे विष्णु भवभयहरं सर्व लौकेक नाथम् ॥ यं ब्रह्मा वरुणैन्द्रु रुद्रमरुत: स्तुन्वानि दिव्यै स्तवैवेदे: । सांग पदक्रमोपनिषदै गार्यन्ति यं सामगा: । ध्यानावस्थित तद्गतेन मनसा पश्यति यं योगिनो यस्यातं न विदु: सुरासुरगणा दैवाय तस्मै नम: ॥ विष्णु शान्ताकारं मंत्र ━ हिंदी अर्थ मैं श्रीं हरि विष्णु को नमन ...

satyanarayan aarti\Jai Lakshmi Ramana, Swami Jai Lakshmi Ramana

श्री सत्यनारायण भगवान की आरती श्री सत्यनारायण भगवान की आरती... श्री सत्यनारायण भगवान की आरती किसी भी प्रकार के पूजन अथवा अनुष्ठान के अंत में करना अत्यधिक महत्वपूर्ण माना जाता है। इसी प्रकार श्री सत्यनारायण व्रत के समय श्री सत्यनारायण आरती सहित आयोजन किया जाना चाहिए। श्री सत्यनारायण भगवान् की यह आरती बहुत ही मधुर तथा कर्णप्रिय है। ॥ श्री सत्यनारायणजी की आरती ॥ जय लक्ष्मी रमणा, स्वामी जय लक्ष्मी रमणा । सत्यनारायण स्वामी, जन-पातक-हरणा ॥ जय लक्ष्मी रमणा… रत्न जड़ित सिंहासन, अद्भुत छवि राजे । नारद करत नीराजन, घंटा वन बाजे ॥ जय लक्ष्मी रमणा… प्रकट भए कलि कारण, द्विज को दरस दियो । बूढ़ो ब्राह्मण बनकर, कंचन महल कियो ॥ जय लक्ष्मी रमणा… दुर्बल भील कठारो, जिन पर कृपा करी । चंद्रचूड़ एक राजा, तिनकी बिपति हरी ॥ जय लक्ष्मी रमणा… वैश्य मनोरथ पायो, श्रद्धा तज दीन्हीं । सो फल भोग्यो प्रभुजी, फिर स्तुति किन्हीं ॥ जय लक्ष्मी रमणा… भाव-भक्ति के कारण, छिन-छिन रूप धर्‌यो । श्रद्धा धारण किन्ही, तिनको काज सरो ॥ जय लक्ष्मी रमणा… ग्वाल-बाल संग राजा, बन में भक्ति ...

Vishnu 1000 Name\Vishnu Sahasranamam Stotram

विष्णु सहस्रनाम भगवान विष्णु के हजार नाम गुरुवार को विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ... !! जय श्री सीताराम !! जय श्री हनुमान !! जय श्री दुर्गा माँ !! विष्णु सहस्रनाम भगवान विष्णु के हजार नामों से युक्त एक प्रमुख स्तोत्र है। विष्णु सहस्रनाम का पाठ करने वाले व्यक्ति को यश, सुख, ऐश्वर्य, संपन्नता, सफलता, आरोग्य एवं सौभाग्य प्राप्त होता है तथा मनोकामनाओं की पूर्ति होती है। श्रीहरि भगवान विष्णु के १००० नामों की महिमा अवर्णनीय है। ॥ विष्णुसहस्रनाम ॥ ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नम: ॐ विश्वं विष्णु: वषट्कारो भूत-भव्य-भवत-प्रभुः । भूत-कृत भूत-भृत भावो भूतात्मा भूतभावनः ।। १ ।। पूतात्मा परमात्मा च मुक्तानां परमं गतिः। अव्ययः पुरुष साक्षी क्षेत्रज्ञो अक्षर एव च ।। २ ।। योगो योग-विदां नेता प्रधान-पुरुषेश्वरः । नारसिंह-वपुः श्रीमान केशवः पुरुषोत्तमः ।। ३ ।। सर्वः शर्वः शिवः स्थाणु: भूतादि: निधि: अव्ययः । संभवो भावनो भर्ता प्रभवः प्रभु: ईश्वरः ।। ४ ।। स्वयंभूः शम्भु: आदित्यः पुष्कराक्षो महास्वनः । अनादि-निधनो धाता विधाता धातुरुत्तमः ।। ५ ।। अप्रमेयो हृषीकेशः पद्मनाभो-अमरप्...