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Showing posts from November, 2025

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सूर्याधिकम् — महत्व, लाभ और मकर संक्रांति पर पाठ सूर्याधिकम् — महत्व और लाभ... सूर्याधिकम् स्तोत्र का नियमित पाठ शरीर को स्वस्थ, ऊर्जावान और निरोग बनाए रखने में अत्यंत प्रभावी माना गया है। शास्त्रों में कहा गया है कि यह स्तोत्र सौभाग्य, आत्मबल, तेज और मानसिक स्थिरता प्रदान करता है। इसका अनुशासित पाठ शारीरिक ऊर्जा तथा मनोबल दोनों को बढ़ाता है और रोगों के विरुद्ध रक्षा करने में सहायक होता है। मकर संक्रांति और विशेष महत्व: पुराणों में वर्णित है कि मकर संक्रांति के पावन दिन सूर्याधिकम् का पाठ करने से सात पीढ़ियों तक की रक्षा होती है। मकर संक्रांति के समय सूर्य उत्तरायण होते हैं — अर्थात् सूर्य देव उत्तर दिशा की ओर अग्रसर होते हैं — और यह काल आध्यात्मिक उन्नति, तप, साधना और पुण्य के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दिन सूर्याधिकम् स्तोत्र का पाठ करने से साधक को विशेष कृपा, स्वास्थ्य लाभ और जीवन में स्थायी सौभाग्य प्राप्त होता है। ॥ सूर्याधिकम् ॥ Play Audio श्री गणेशाय नमः ...

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संपूर्ण श्री दत्तात्रेय चालीसा | दिगम्बर दत्तगुरु की कृपा पाने का पवित्र पाठ श्री दत्तात्रेय चालीसा... दत्तात्रेय चालीसा — त्रिमूर्ति स्वरूप दत्तगुरु को समर्पित पवित्र पाठ, जो भक्ति, ज्ञान और मोक्ष की प्राप्ति हेतु विधिपूर्वक पढ़ा जाता है। श्री दत्तात्रेय चालीसा भगवान दत्तात्रेय (ब्रह्मा, विष्णु, महेश का एकात्म रूप) की स्तुति का दीपक है। यह पाठ श्रद्धा और नियमित अभ्यास से आंतरिक शांति, आत्मिक शक्ति और जीवन की अनेक समस्याओं से मुक्ति दिलाने में सहायक माना जाता है। ॥ श्री दत्तात्रेय चालीसा पाठ ॥ ज्ञान, भक्ति, वैराग्य और मोक्ष के प्रदाता — त्रिदेव स्वरूप श्री दत्तगुरु को समर्पित दिव्य चालीसा || श्रीगणेशाय नमः || श्रीदत्तगुरु के चरणों में कोटि कोटि प्रणाम। रक्षा करो हे दत्त प्रभु, रख लो अपनी शरण॥ ॥ श्री दत्तगुरु स्तुति ॥ जयति जयति दत्तात्रेय, स्वामी दिगम्बर जय। आदि ब्रह्मा, मध्यम विष्णु, देवा महेश्वर जय॥ जयति जयति त्रिमूर्ति रूप, भ...