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Happy Ganesh Chaturthi 2021 Wishes Status, messages 6576

गणेश चतुर्थी की शुभकामनाएं, गणेश चतुर्थी 2021 में इस उत्सव की शुरुआत 10 सितंबर को गणेश चतुर्थी के साथ होगी Ganesh Chaturthi 2021: इस वर्ष गणेश महोत्सव की शुरुआत शुक्रवार, 10 सितंबर, 2021 को गणेश चतुर्थी के साथ होगी। रिद्धि-सिद्धि के दाता, प्रथम पूज्य, लोक मंगल के देवता, सुख संपदा और समृद्धि प्रदान करने वाले देवता भगवान श्रीगणेश का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। 10 दिनों तक चलने वाले इस महा आयोजन का समापन अनंत चतुर्दशी के दिन गणेश विसर्जन के साथ होगा। माना जाता है कि गणपति शुभता, खुशहाली और मांगलिकता के सूचक होते हैं। पौराणिक मान्यताओं व हिंदू पंचांग के अनुसार भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को भगवान गणेश का जन्म हुआ था। इसी दिन को गणेश चतुर्थी के रूप में मनाते हैं। भाद्रपद माह की गणेश चतुर्थी पर भगवान गणपति घर-घर विराजते हैं। पंडालों में इनकी बड़ी-बड़ी प्रतिमाएं सभी को अपनी और आकर्षित करती हैं। भगवान शिव और माता पार्वती के पुत्र व रिद्धि-सिद्धि के दाता भगवान श्रीगणेश से अधिक लोकप्रिय शायद ही कोई देवता होंगे, क्योंकि हर शुभ कार्य का शुभारंभ ''श्री गणेशाय नमः'' से ह...

Kedarnath Temple (Uttarakhand) Rudraprayag history

केदारनाथ मंदिर, उत्तराखंड केदारनाथ मंदिर का इतिहास... भारतवर्ष में हिन्दुओं में तीर्थ दर्शन की करने की मान्यता है, जोकि प्राचीन समय से चल रही है, देश में कई तीर्थ स्थान हैं जहाँ दुनिया के कोने – कोने से लोग दर्शन करने आते हैं. उनका मानना है, कि इन तीर्थ स्थानों के दर्शन करने से जीवन के सारे पाप नष्ट हो जाते हैं. तीर्थ स्थान की बात आती है, तो सबसे पहले उत्तराखंड के केदारनाथ मंदिर का नाम सामने आता है। 5 साल पहले जून २०१३ के दौरान भारत के उत्तराखण्ड और हिमाचल प्रदेश राज्यों में अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन के कारण केदारनाथ सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र रहा। मंदिर के आसपास कि मकानें बह गई । इस ऐतिहासिक मन्दिर का मुख्य हिस्सा और सदियों पुराना गुंबद सुरक्षित रहे लेकिन मन्दिर का प्रवेश द्वार और उसके आस-पास का इलाका पूरी तरह तबाह हो गया। यहाँ बहुत ही गंभीर त्रासदी हुई थी, उस दिल दहला देने वाली त्रासदी को एक फिल्म के माध्यम से भी दर्शाया गया था। केदारनाथ मंदिर : मंदिर भगवान शिव शंकर जी का मंदिर हैं, जोकि भारत के उत्तराखण्ड राज्य के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित हिन्दुओं का प...

Raksha Bandhan 2021 kab hai?-22-8

 2021 में रक्षाबंधन कब है? जानें इस वर्ष राखी बांधने का शुभ मुहूर्त क्या है। साल 2021 में रक्षाबंधन का शुभ दिन कब आ रहा है आइए जानते हैं.... जुलाई के आते ही त्योहार आरंभ हो जाते हैं.....विशेषकर राखी का पर्व-रक्षाबंधन का त्योहार बहन-भाई के बीच प्रेम का प्रतीक है। रक्षाबंधन के दिन का इंतजार हर भाई-बहन को होता है। प्रेम और नोंकझोंक, तोहफे, मिठाई और ना जाने क्या-क्या…काफी पहले से ही इस दिन को लेकर लोग प्लानिंग शुरू कर देते हैं। इसमें बहन भाई को तिलक लगाकर उसके दीर्घायु की कामना करती है। भाई भी जीवन भर बहन के सुख-दुख में साथ निभाने का वादा करता है और स्नेह स्वरूप बहन को उपहार भी देता है। इस त्योहार को प्राचीन काल से मनाने की परंपरा चली आ रही है। इस पर्व को हिंदी पंचांग के श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है। पूर्णिमा के दिन मनाएं जाने कि वजह से कई जगह इसे राखी पूर्णिमा भी कहते हैं। इस वर्ष रक्षाबंधन 22 अगस्त दिन रविवार को है।  2021 में रक्षा बंधन कब है | Raksha Bandhan 2021 Kab Hai ? इस दिन बहनें बड़े प्यार से भाई की कलाई पर राखी बांधती हैं। इस साल राखी का पर्व 22 अगस्...

When is Janmashtami 2021- know the importance of Bhadra Krishna Ashtami date in Hinduism

श्री कृष्ण जन्माष्टमी कब है? इस वर्ष जन्‍माष्‍टमी 30 अगस्‍त सोमवार को श्री कृष्ण जन्माष्टमी का पावन पर्व मनाया जाएगा। हिंदू पंचांग के अनुसार, भाद्रमास के कृष्‍ण पक्ष की अष्‍टमी तिथि का आरंभ 29 अगस्‍त को रविवार को रात 11 बजकर 25 मिनट पर होगा। अष्‍टमी तिथि 30 अगस्‍त को रात में 1 बजकर 59 मिनट तक रहेगी। इस हिसाब से व्रत के लिए उदया तिथि को मानते हुए 30 अगस्‍त को जन्‍माष्‍टमी होगी। इसलिए देश भर में जन्‍माष्‍टमी 30 अगस्‍त को मनाई जाएगी। पूजा का शुभ मुहूर्त 30 अगस्‍त की रात को 11 बजकर 59 मिनट से 12 बजकर 44 मिनट तक रहेगा। श्री कृष्ण जन्माष्टमी का महत्व: सनातन धर्म में कृष्‍ण जन्‍माष्‍टमी को पौराणिक मान्‍यताओं के अनुसार, भगवान कृष्‍ण का जन्‍म भाद्र मास के कृष्‍ण पक्ष की अष्‍टमी को हुआ था। इस तिथि को भगवान कृष्‍ण के जन्‍मोत्‍सव के रूप में मनाया जाता है इस दिन भगवान कृष्‍ण के भक्‍त विधि विधान से उनका व्रत करते हैं। इस दिन पूरे श्रृद्धा भाव से पूजा करने से भगवान सबकी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। वहीं ज्‍योतिष में भी इस व्रत का खास महत्‍व होता है। जिन लोगों की कुंडली में चंद्रमा कमजोर होता है उन...

12 Raashiyon ke Mantras

बारह राशियों के मन्त्र बारह राशियों के अभ्युदय मंत्र... आप आश्चर्यचकित न हों यदि खुद को ऐसी स्थिति में पाते हैं जो किसी तरह से आपके जीवन में एक महत्वपूर्ण क्षण जैसा लगता है। चाहे वह व्यक्तिगत मामला हो या काम से जुड़ी कोई बात, जिसे जानने के लिए आपको इंतजार करना होगा, आपको अपनी सारी धैर्य और कूटनीति की जरूरत होगी। संतुलित रहें' एक बात का आश्वासन दिया गया है कि आज आपकी सामाजिक प्रतिष्ठा को जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा। 12 —   राशि मंत्र मेष (Aries) —  राशि का मन्त्र: —  ॐ ह्रीं श्री लक्ष्मी नारायणाय नमः वृष (Taurus) —  राशि का मन्त्र: —  ॐ गोपालाय उत्तर वजाय नमः मिथुन (Gemini) —  राशि का मन्त्र: —  ॐ क्लीं कृष्णाय नमः कर्क (Cancer) —  राशि का मन्त्र: —  ॐ हिरण्य गर्भाय अव्यक्त रूपिणे नमः सिंह (Leo) —  राशि का मन्त्र: —  ॐ क्लीं ब्रह्मणे जगदाधाराय नमः कन्या (Virgo) —  राशि का मन्त्र: —  ॐ नमो प्रीं पीताम्बराय नमः तुला (Libra) —  राशि का मन्त्र: —  ॐ तत्त्...

Shri Hanuman Gayatri Mantras-3

श्री हनुमान गायत्री मंत्र श्री हनुमान गायत्री मंत्र संस्कृत... श्रीहनुमान गायत्री मंत्र अत्यंत शक्तिशाली मंत्र है। इसके नियमित जाप करने से भक्तों पर हनुमान जी की कृपा हमेशा रहती है। श्री हनुमान गायत्री मंत्र ॐ आंजनेयाय विद्मिहे वायुपुत्राय धीमहि। तन्नो: हनुमत् प्रचोदयात ॥१॥ ॐ रामदूताय विद्मिहे कपिराजाय धीमहि। तन्नो: मारुति: प्रचोदयात ॥२॥ ॐ अन्जनिसुताय विद्मिहे महाबलाय धीमहि। तन्नो: मारुति: प्रचोदयात ॥३॥ हनुमान गायत्री मंत्र का अर्थ : हे अंजनी और वायु के पुत्र श्रीं हनुमान जी, मैं आपसे बुद्धि और ज्ञान की प्रार्थना करता हूं। हे देवी अंजनी के पुत्र और पवन पुत्र से प्रार्थना करते हैं। भगवान हनुमान हमारी बुद्धि को बुद्धिमत्ता और ज्ञान को सन्मार्ग में प्रेरित करें। Related Pages: श्रीहनुमदष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् चिन्तामणि षट्पदी स्तोत्र गणपतितालम् श्री कालभैरव अष्टकम् अंगना पधारो महारानी मोरी शारदा भवानी देवी भजन- इंद्राक्षी स्तोत्रम् श्री शिव प्रातः स्मरणस्तोत्रम् 12 प्रमुख ज्योतिर्लिंग राम रक्षा स्तोत्र संकटमोचन हनुमा...

Bhagavaan Shiv ke in mantron ka jap karane se - शिव के मंत्रों का जप

शिव के मंत्रों का जप भगवान शिव के इन मंत्रों का जप करने से मिलती है गंभीर रोगों से रक्षा... सोमवार के दिन भगवान शिव का पूजन करना, शिवाभिषेक करना, बेलपत्र, धतूरे का फल अर्पित करना आदि कर्म अति शुभ माने जातें है। भागवन शिवजी के कुछ ऐसे सिद्ध व सरल मंत्र भी है जिनका नियमित जप करने से साधक की इच्छाएं पूर्ण होती है। सोमवार को करें शिव अभिषेक... ।। ॐ नमः शिवाय ।। भगवान शिव के इस मन्त्र की महिमा का गुणगान करना कठिन है, इस मंत्र का जप करने से जातक को हर प्रकार के पापों से मुक्ति मिलती है। किसी रोग या बीमारी से पीड़ित होने पर, वैवाहिक जीवन में कलह रहने पर या परिवार में कलह रहने पर भगवान शिव के इस प्रिय मंत्र ॐ नमः शिवाय का जप करने से लाभ होता है। ।। महामृत्युंजय मंत्र ।। ॐ हौं जूं सः ॐ भूर्भुवः स्वः ॐ त्र्यम्‍बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्‍धनान् मृत्‍योर्मुक्षीय मामृतात् ॐ स्वः भुवः भूः ॐ सः जूं हौं ॐ ।। वेद शास्त्रों में महामृत्युंजय मंत्र को बहुत ही शक्तिशाली माना गया है, अकाल मृत्यु का भय होने पर, गंभीर रोग से पीड़ित होने पर या मोक्ष की प्...