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Hanuman\Sri Hanuman Ashtottara Shatnam Stotram

श्री हनुमान अष्टोत्तर शतनाम स्तोत्रम् | 108 नाम, पाठ, लाभ और विधि | Bhakti Gyan श्री हनुमान अष्टोत्तर शतनाम स्तोत्रम्... !! जय श्री सीताराम !! जय श्री हनुमान !! जय श्री दुर्गा माँ !! सनातन धर्म में भगवान श्री हनुमान जी को शक्ति, साहस, बुद्धि, भक्ति और संकटों से रक्षा करने वाले देवता के रूप में पूजा जाता है। श्रीराम के परम भक्त और संकटमोचन बजरंगबली की उपासना भक्तों के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, आत्मविश्वास और आध्यात्मिक शांति का संचार करने वाली मानी जाती है। श्री हनुमान अष्टोत्तर शतनाम स्तोत्रम् भगवान हनुमान जी के 108 पवित्र नामों का महिमामय स्तोत्र है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस स्तोत्र का श्रद्धा, विश्वास और एकाग्रचित्त होकर नियमित पाठ करने से जीवन के दुखों, भय, बाधाओं और संकटों का सामना करने की शक्ति प्राप्त होती है। मान्यता है कि जो भक्त सच्चे मन से हनुमान जी के 108 नामों का स्मरण करता है, उस पर पवनपुत्र हनुमान जी की विशेष कृपा बनी रहती है। बजरंगबली की कृपा से भक्तों को मानसिक ...

Sri Shanikavacham\Shani Kavachan ka Niyamit Paath Karen

शनि कवचं का नियमित पाठ करने, बड़ी से बड़ी बाधा भी दूर हो जाएगी | BHAKTI GYAN शनि कवचं का नियमित पाठ करने, बड़ी से बड़ी बाधा भी दूर हो जाएगी... श्री शनिकवचम् का नियमित पाठ करने से जीवन की सभी बाधा दूर हो जाती है।शनि देव के कई प्रकार के मंत्र, स्त्रोत हैं उनमें से शनि कवच एक है। शनि कवच का पाठ करने से व्यक्ति सुरक्षित रहता है। किसी प्रकार की हानि उसे शनि की दशा/अन्तर्दशा में नहीं होती है। कवच का अर्थ ही रक्षा होता है। जो व्यक्ति शनि कवच का पाठ नियम से करता है उसे शनि महाराज नहीं सताते है। ॥ शनि कवचं ॥ विनियोग :- अस्य श्री शनैश्चरकवचस्तोत्रमंत्रस्य कश्यप ऋषिः॥ अनुष्टुप् छन्दः ॥ शनैश्चरो देवता ॥ शीं शक्तिः ॥ शूं कीलकम् ॥ शनैश्चरप्रीत्यर्थं जपे विनियोगः ॥ निलांबरो नीलवपुः किरीटी गृध्रस्थितस्त्रासकरो धनुष्मान् ॥ चतुर्भुजः सूर्यसुतः प्रसन्नः सदा मम स्याद्वरदः प्रशान्तः ॥ १ ॥ ब्रह्मोवाच ॥ श्रुणूध्वमृषयः सर्वे शनिपीडाहरं महत् । कवचं शनिराजस्य सौरेरिदमनुत्तमम् ॥ २ ॥ कवचं देवतावासं वज्रपंजरसंज्ञकम् । शनैश्चरप्रीतिकरं सर्वसौभाग्यदायकम् ॥ ३ ॥ ॐ श्रीशनैश्...

Durga Maa\Sri Durga Maa Ashtottara Shatanamvali Stotra

श्री दुर्गा माँ अष्टोत्तर शतनामावल स्तोत्रम् | BHAKTI GYAN श्री दुर्गा माँ अष्टोत्तर शतनामावली... श्री दुर्गा माँ अष्टोत्तर शतनामावली - माँ के १०८ नाम हैं। जो भक्त श्रद्धा भाव से, एकनिष्ठ होकर उनके १०८ नामों का जप करता हैं वह तीक्ष्ण बुद्धि, धन-धान्य, ऐश्वर्य, मान-सम्मान, विद्या तथा मनोवांछित फल को शीघ्र ही प्राप्त कर लेता है, साथ ही उसकी इच्छा की भी पूर्ति होती है। हर कामना पूर्ण होती है। श्री दुर्गा माँ अष्टोत्तर शतनामावली... || श्री दुर्गा माँ अष्टोत्तर शतनामावली || ॐ देव्यै नमः। ॐ दुर्गायै नमः। ॐ त्रिभुवनेश्वर्यै नमः। ॐ यशोदागर्भसंभूतायै नमः। ॐ नारायणवरप्रियायै नमः। ॐ नन्दगोपकुलेजातायै नमः। ॐ मङ्गल्यायै नमः। ॐ कुलवर्धिन्यै नमः। ॐ कंसविद्रावणकर्यै नमः। ९ ॐ असुरक्षयंकर्यै नमः। ॐ शिलातटविनिक्षिप्तायै नमः। ॐ आकाशगामिन्यै नमः। ॐ वासुदेवभगिन्यै नमः। ॐ दिव्यमाल्यविभूषितायै नमः। ॐ दिव्यांबरधरायै नमः। ॐ खड्गखेटकधारिण्यै नमः। ॐ शिवायै नमः। ॐ पापतारिण्यै नमः। १८ ॐ वरदायै नमः। ॐ कृष्णायै नमः। ॐ कुमार्यै नमः। ॐ ब्रह्मचारिण्यै नमः। ॐ बाल...

Durga Maa\Sri Mangala Chandika Stotram

मंगल चंडिका स्तोत्रम् | BHAKTI GYAN श्री मंगल चंडिका स्तोत्रम्... ! जय श्री सीताराम !! जय श्री हनुमान !! जय श्री दुर्गा माँ ! श्री मंगल चंडिका स्तोत्रम्, एक अत्यंत दिव्य और सिद्ध स्तोत्र है, जिसका उल्लेख ब्रह्मवर्त पुराण में मिलता है। यह स्तोत्र पूर्णतः संस्कृत भाषा में रचित है और इसे देवी के चण्डिका रूप की स्तुति में उच्चतम स्थान प्राप्त है। श्री मंगल चंडिका स्तोत्रम् पूर्णतः संस्कृत भाषा में लिखा गया है। जो व्यक्ति श्री मंगल चंडिका स्तोत्र का नियमित जप करता है उसे धन, व्यापार, घरेलू क्लेश आदि की परेशानी नहीं होती, और श्री मंगल चंडिका स्तोत्रम् का एक लाख जप करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। चंडिका देवी को महानता की सर्वोच्च देवी माना जाता है। दुर्गा सप्तशती में चंडिका देवी को चामुंडा या मां दुर्गा कहा गया है। चंडिका देवी महाकाली, महा लक्ष्मी और महा सरस्वती का संयोजन है। श्री मंगल चंडिका स्तोत्र का नियमित जाप करें... ॥ श्री मंगलचंडिकास्तोत्रम् ॥ (देवी चण्डिका के चमत्कारी स्तुति स्तोत्र) ध्यान “ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं सर्वपूज्ये देवी मङ्गलचण्डिके । ऐं क्...

Kalbhairav\Sri Kalbhairav Stotra is in Sanskrit

श्री कालभैरव स्तोत्र श्री कालभैरव स्तोत्र... ॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय श्री कालभैरव स्तोत्र संस्कृत में है। कालभैरव हिन्दू देवता भगवान शिव का एक रूप माने जाते है। यह एक उग्र किन्तु न्यायप्रिय देवता है इन का निवास हिंदू तीर्थ काशी नगरी के तट पर है। इस स्तोत्र का पाठ करने से व्यक्ति सुरक्षित तथा भय मुक्त महसूस करता है साथ ही उसकी इच्छा की भी पूर्ति होती है। ॥ श्री कालभैरव स्तोत्र ॥ ॥ ॐ नमः शिवाय ॥ ॥ नमो भैरवदेवाय नित्यायानंद मूर्तये । विधिशास्त्रांत मार्गाय वेदशास्त्रार्थ दर्शिने ॥ १ ॥ दिगंबराय कालाय नम: खट्वांग धारिणे। विभूतिविल सद्भाल नेत्रायार्धेंदुमोलिने ॥ २ ॥ कुमारप्रभवे तुभ्यं बटुकाय महात्मने । नमोsचिंत्य प्रभावाय त्रिशूलायुधधारिणे ॥ ३ ॥ नमः खड्गमहाधार ह्रतत्रैलोक्य भितये । पुरितविश्र्व विश्र्वाय विश्र्वपालायते नमः ॥ ४ ॥ भुतावासाय भूताय भूतानां पतये नमः । अष्टमूर्ते नमस्तुभ्यं कालकालायते नमः ॥ ५ ॥ कंकाला याति घोराय क्षेत्रपालाय कामिने । कलाकाष्ठादिरुपाय कालाय क्षेत्र वासीने ॥ ६ ॥ नमः क्षत्रजित तुभ...

Maa Ganga\Ganga Ashtottara Shatanamvali in Hindi

माँ गंगा अष्टोत्तर शतनामावली स्तोत्रम् | BHAKTI GYAN माँ गंगा अष्टोत्तर शतनामावली... माँ गंगा अष्टोत्तर शतनामावली- माँ गंगा के १०८ नाम हैं। जो भक्त सूर्योदय काल में गंगा स्नान के समय अत्यंत श्रद्धा भाव से, एकनिष्ठ होकर उनके १०८ नामों का जप करता हैं वह तीक्ष्ण बुद्धि, धन-धान्य, ऐश्वर्य, मान-सम्मान, विद्या तथा मनोवांछित फल को शीघ्र ही प्राप्त कर लेता है, साथ ही उसकी इच्छा की भी पूर्ति होती है। हर कामना पूर्ण होती है। || माँ गंगा अष्टोत्तर शतनामावली || ॐ गङ्गायै नमः। ॐ त्रिपथगादेव्यै नमः। ॐ शम्भुमौलिविहारिण्यै नमः। ॐ जाह्नव्यै नमः। ॐ पापहन्त्र्यै नमः। ॐ महापातकनाशिन्यै नमः। ॐ पतितोद्धारिण्यै नमः। ॐ स्रोतस्वत्यै नमः। ॐ परमवेगिन्यै नमः। ९ ॐ विष्णुपादाब्जसम्भूतायै नमः। ॐ विष्णुदेहकृतालयायै नमः। ॐ स्वर्गाब्धिनिलयायै नमः। ॐ साध्व्यै नमः। ॐ स्वर्णद्यै नमः। ॐ सुरनिम्नगायै नमः। ॐ मन्दाकिन्यै नमः। ॐ महावेगायै नमः। ॐ स्वर्णशृङ्गप्रभेदिन्यै नमः। १८ ॐ देवपूज्यतमायै नमः। ॐ दिव्यायै नमः। ॐ दिव्यस्थाननिवासिन्यै नमः। ॐ सुचारुनीररुचिरायै नमः। ...