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Shiva-Ardhnarishwar Stotram/अर्द्धनारीश्वर शिव स्तोत्र

अर्द्धनारीश्वर शिव स्तोत्र | Ardhanarishwar Shiv Stotra in Hindi अर्द्धनारीश्वर शिव स्तोत्र... ॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय अर्धनारीश्वर स्तोत्र भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित एक दिव्य स्तुति है। यह स्तोत्र शिवभक्तों के लिए विशेष रूप से सोमवार के दिन अत्यंत फलदायक माना जाता है। सोमवार को महादेव और माता पार्वती की श्रद्धापूर्वक पूजा की जाती है। इस दिन शिव भक्त व्रत रखते हैं और शिवलिंग पर जलाभिषेक करते हैं। धार्मिक मान्यता है कि इस व्रत को करने से साधक की सभी मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं। यह व्रत स्त्री और पुरुष दोनों के लिए समान रूप से फलदायक है। विशेष रूप से सोमवार के दिन जलाभिषेक का अत्यंत महत्व है। हजारों शिवभक्त मंदिरों में आकर भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं, जिससे भोलेनाथ शीघ्र प्रसन्न होते हैं। यदि आप भी भगवान शिव को प्रसन्न करना चाहते हैं तो हर सोमवार को जलाभिषेक के साथ-साथ अर्धनारीश्वर स्तोत्र का पाठ अवश्य करें। इस स्तोत्र का श्रद्धापूर्वक पाठ करने से शिव और प...

Om Jai Hanumat Veera -Swami Jai Hanumat Veera

मेहन्दीपुर बालाजी की आरती मेहन्दीपुर बालाजी की आरती... मेहन्दीपुर बालाजी की आरती सुबह-श्याम सभी करने से सभी प्रकार के दुष्ट और काली नकारात्मक शक्तियों से मुक्ति मिलती है। मेहन्दीपुर बालाजी को भी हनुमान जी का ही रूप माना जाता है। ऐसी मान्यता है की मेहन्दीपुर बालाजी के धाम में आने से सभी प्रकार के नकारात्मक काली शक्तियों से मुक्ति मिल जाती है। मेहन्दीपुर बालाजी के धाम में हर साल लाखों भक्त आतें हैं, और बालाजी हनुमान जी के दर्शन कर आशीर्वाद पाते है। || मेहन्दीपुर बालाजी की आरती || ॐ जय हनुमत वीरा, स्वामी जय हनुमत वीरा। संकट मोचन स्वामी, तुम हो रनधीरा ॥ ॐ जय हनुमत् वीरा……. पवन पुत्र अंजनी सूत, महिमा अति भारी। दुःख दरिद्र मिटाओ, संकट सब हारी ॥ ॐ जय हनुमत् वीरा……. बाल समय में तुमने, रवि को भक्ष लियो। देवन स्तुति किन्ही, तुरतहिं छोड़ दियो ॥ ॐ जय हनुमत् वीरा……. कपि सुग्रीव राम संग मैत्री करवाई। अभिमानी बलि मेटयो कीर्ति रही छाई ॥ ॐ जय हनुमत् वीरा……. जारि लंक सिय-सुधि ले आए, वानर हर्षाये। कारज कठिन सुधारे, रघुबर मन भाये ॥ ॐ जय हनुमत् वीरा……. शक्ति ...

Shri Navgrah Chalisa- Surya-Chandra-Mangal-Budh-Brihaspati-Shukra-Shani-Rahu-Ketu

श्री नवग्रह चालीसा | ग्रह दोष निवारण व सफलता प्राप्ति का पाठ श्री नवग्रह चालीसा... श्री नवग्रह चालीसा का नियमित पाठ करें: श्री नवग्रह चालीसा का नित्य/नियमित पाठ ग्रहों के नकारात्मक प्रभावों को शमन करता है। नवग्रह शांति से व्यक्ति के जीवन में यश-वैभव, सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य, बुद्धि और कार्यसिद्धि बनी रहती है। श्रद्धा और नियमपूर्वक पाठ करने से ग्रहों की दुष्प्रभाविता कम होती है तथा जीवन में समृद्धि और संतुलन आता है। श्री नवग्रह चालीसा ॥ दोहा ॥ श्री गणपति गुरुपद कमल, प्रेम सहित सिरनाय। नवग्रह चालीसा कहत, शारद होत सहाय॥ जय जय रवि शशि सोम बुध, जय गुरु भृगु शनि राज। जयति राहु अरु केतु ग्रह, करहुं अनुग्रह आज॥ ॥ चौपाई ॥ ॥ श्री सूर्य स्तुति ॥ प्रथमहि रवि कहं नावौं माथा, करहुं कृपा जनि जानि अनाथा। हे आदित्य दिवाकर भानू, मैं मति मन्द महा अज्ञानू। अब निज जन कहं हरहु कलेषा, दिनकर द्वादश रूप दिनेशा। नमो भास्कर सूर्य प्रभाकर, अर्क मित्र अघ मोघ क्षमाकर। ॥ श्री चन्द्र स्तुति ॥ शशि मयंक रजनीपति स्व...

Hanuman Sathika/Jai Jai Jai Hanuman Adangi - Mahavir Vikram Bajrangi

श्री हनुमान साठिका पाठ – भय, रोग, संकट से मुक्ति का उपाय श्री हनुमान बीसा... श्री हनुमान साठिका का नियमित पाठ करने से भय, रोग इत्यादि संकटों से मुक्त होते हैं। हनुमान जी प्रसन्न होकर अपनी कृपा दृष्टि बनाए रखते हैं। श्री गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित हनुमद् बंदी मोचन अत्यंत शक्तिशाली और सिद्ध श्लोक है। श्रद्धा भक्ति के साथ हनुमान जी को प्रणाम करते हुए बोलिए — सियावर राम चन्द्र की जय पवनसुत हनुमान की जय ॥ श्री हनुमान साठिका ॥ ॥ चौपाइयां ॥ जय जय जय हनुमान अडंगी । महावीर विक्रम बजरंगी ॥ जय कपीश जय पवन कुमारा । जय जगबन्दन सील अगारा ॥ जय आदित्य अमर अबिकारी । अरि मरदन जय-जय गिरधारी ॥ अंजनि उदर जन्म तुम लीन्हा । जय-जयकार देवतन कीन्हा ॥ बाजे दुन्दुभि गगन गम्भीरा । सुर मन हर्ष असुर मन पीरा ॥ कपि के डर गढ़ लंक सकानी । छूटे बंध देवतन जानी ॥ ऋषि समूह निकट चलि आये । पवन तनय के पद सिर नाये॥ बार-बार अस्तुति करि नाना । निर्मल...

Maa Kali Pratah Smaran Stotram- Maa Kali/श्री काली प्रातः स्मरण स्तोत्रम्

श्री काली प्रातः स्मरण स्तोत्रम् श्री काली प्रातः स्मरण स्तोत्रम्... !! जय श्री सीताराम !! जय श्री हनुमान !! जय श्री दुर्गा माँ !! प्रातः माँ काली को प्रसन्न करने के लिए नियमित इस स्तोत्र का पाठ करें। माँ काली प्रसन्न होकर अपने भक्तजनों के संकट दूर करती है, रक्षा करती है साथ ही उनके सभी मनोरथ पूर्ण करती हैं। प्रातः माँ काली स्मरण सम्पूर्ण भक्तिभाव से करें... || श्री काली प्रातः स्मरण स्तोत्रम् || ॐ प्रातर्नमामि मनसा त्रिजगद्-विधात्रीं कल्याणदात्रीं कमलायताक्षीम् । कालीं कलानाथ-कलाभिरामां कादम्बिनी-मेचक-काय-कान्तिम् ॥ १॥ जगत्प्रसूते द्रुहिणो यदर्च्चा-प्रसादतः पाति सुरारिहन्ता । अन्ते भवो हन्ति भव-प्रशान्त्यै तां कालिकां प्रातरहं भजामि ॥ २॥ शुभाशुभैः कर्म-फलैरनेक-जन्मनि मे सञ्चरतो महेशि । माभूत् कदाचिदपि मे पशुभिश्च गोष्ठी दिवानिशं स्यात् कुल-मार्ग-सेवा ॥ ३॥ वामे प्रिया शाम्भव-मार्ग-निष्ठा पात्रं करे स्तोत्रमये मुखाब्जे । ध्यानं हृदब्जे गुरु-कौल-सेवा स्युर्मे महाकालि ! तव प्रसादात् ॥ ४॥ श्री कालि, मातः, परमेश्वरि ! त्वां प्रातः समुत्थाय नमामि ...

Shiv Stuti Shiv Stuti/shree shiv stuti in hindi

शिव स्तुति शिव स्तुति श्री शिव स्तुति... ॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय सोमवार के दिन भगवान शिव का महाभिषेक के साथ साथ शिव की उपासना के लिए व्रत भी रखे जाते हैं। अपने परिवार के लिए सुख समृद्धि पाना के लिए सोमवार के दिन शिव स्तुति का जाप करना आपके लिए लाभकारी होगा और स्तुति का सच्चे मन से करने पर भगवान भोले नाथ खुश होकर आशीर्वाद देते है। श्री शिव स्तुति ॥ ॐ नमः शिवाय ॥ शीश गंग अर्धंग पार्वती, सदा विराजत कैलासी। नंदी भृंगी नृत्य करत हैं, धरत ध्यान सुर सुखरासी॥ शीतल मन्द सुगन्ध पवन, बह बैठे हैं शिव अविनाशी। करत गान-गन्धर्व सप्त स्वर, राग रागिनी मधुरासी॥ यक्ष-रक्ष-भैरव जहँ डोलत, बोलत हैं वनके वासी। कोयल शब्द सुनावत सुन्दर, भ्रमर करत हैं गुंजा-सी॥ कल्पद्रुम अरु पारिजात तरु, लाग रहे हैं लक्षासी। कामधेनु कोटिन जहँ डोलत, करत दुग्ध की वर्षा-सी॥ सूर्यकान्त सम पर्वत शोभित, चन्द्रकान्त सम हिमराशी। नित्य छहों ऋतु रहत सुशोभित, सेवत सदा प्रकृति दासी॥ ऋषि मुनि देव दनुज नित सेवत, गान करत श्रुति गुणराशी। ब्रह्मा, विष्णु निहारत निस...