श्री गणेश जी के मंत्र...
श्री गणेश सभी देवताओं में पूजनीय है। शास्त्रों के अनुसार भगवान श्री गणेश की पूजा अर्चना करने से सभी विघ्न-बाधाएं हमेशा के लिए दूर हो जाती हैं। भगवान श्री गणेश को एकदंत और विघ्नहर्ता के नाम से भी पुकारा जाता है। धर्म के अनुसार भगवान श्री गणेश को कार्यों को सफल बनाने वाला देवता माना जाता है। इस ही लिए भगवान श्री गणेश की पूजा अर्चना सर्वप्रथम की जाती है।
बुधवार का दिन भगवान श्री गणेश का दिन माना जाता है। इस दिन भगवान श्री गणेश की पूजा अर्चना करने से सब विघ्न बाधाएं हमेशा के लिए दूर हो जाती हैं। किसी भी कार्य को शुभ तरीके से करने से पहले भगवान श्री गणेश की पूजा अर्चना करनी बहुत आवश्यक होती है।
बुधवार के दिन भगवान श्री गणेश का किस तरह से और किन मंत्रों के उच्चारण के साथ पूजा-अर्चना करनी चाहिए।
卐 श्री गणेश मंत्र 卐
एकदंताय विद्महे, वक्रतुण्डाय धीमहि, तन्नो दंती प्रचोदयात्।।
महाकर्णाय विद्महे, वक्रतुण्डाय धीमहि, तन्नो दंती प्रचोदयात्।।
गजाननाय विद्महे, वक्रतुण्डाय धीमहि, तन्नो दंती प्रचोदयात्।।

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