श्री भगवान गणेश की स्तुति...
हिंदू धर्म शास्त्रों में सर्व प्रथम पूज्य भगवान गणेश को बुद्धि-विद्या के देवता कहा जाता है। प्रतिदिन नियमित रूप से सिद्धी विनायक की वंदना करने से मनुष्य को लाभ प्राप्त होते हैं। भगवान गणेश की वंदना को सुनने मात्र से सभी मनोकामनाओं की पूर्ति होती है। गौरी पुत्र गणेश अपने हर भक्त पर कृपा रखते हैं।
बुधवार को गणेश वंदना से धन और यश की प्राप्ति होती है साथ ही उनके सारे दुख हर लेते हैं।
ॐ गं गणपतये नमो नमः
गणेश वन्दना
गजाननं भूत गणादि सेवितं, कपित्थ जम्बू फल चारू भक्षणम्।
उमासुतं शोक विनाशकारकम्, नमामि विष्नेश्वर पाद पंकजम्।।
गणेश स्तुति
वन्दौं श्री गणपति पद, विघ्नविनाशन हार।
पवित्रता की शक्ति जो, सब जग मूलाधार॥१॥
हे परम ग्यान दाता, सकल विश्व आधार।
छ्मा करें वर दें, विघ्नों से करें उबार॥२॥
हे जग वंदन हे जग नायक!
हे गौरी नंदन! हे वर दायक॥३॥
हे विघ्नविनाशन ! हे गणनायक !
हे भवभय मोचन ! हे जन सुख दायक ! ॥४॥
दया करो हे प्रभु ! दे सबको निर्मल ग्यान।
हे सहज संत ! दें हम को यह वरदान॥५॥
मंगलमय हो गीत हमारे करें जन कल्याण।
मातृप्रेम में निरत रहें पावें पद निर्वाण॥६॥

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