सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

First in india G K/List of India's First in Hindi

भारत के प्रथम पुरस्कार विजेता

प्रथम भारतीय महिलाओं और प्रथम भारतीय पुरुषओं के बारे में सामान्य प्रश्न...

प्रतियोगी परीक्षा में अक्सर इस तरह के सामान्य प्रश्न पूछे जाते है। आप विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे: IAS , Teacher , UPSC , PCS , SSC , Bank , MBA एवं अन्य सरकारी नौकरियों के लिए तैयारी कर रहे हैं, तो आपको इस तरह के प्रश्न के बारे में अवश्य पढ़ना चाहिए।
भारत के प्रथम पुरुष
प्रश्नउत्तर
भारत के प्रथम राष्ट्रपति कौन थे? डॉ. राजेन्‍द्र प्रसाद
भारत के प्रथम उप – राष्ट्रपति कौन थे? डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन
भारत के प्रथम प्रधानमंत्री कौन थे? पंडित जवाहरलाल नेहरु
भारत के प्रथम उप – प्रधानमंत्री कौन थे?सरदार वल्लभभाई पटेल
भारत के प्रथम शिक्षा मंत्री कौन थे? अबुल कलाम आजाद
भारत के पहले कृषि मंत्री कौन थे? डॉ. राजेन्द्र प्रसाद
भारत के पहले कानून मंत्री कौन थे? डॉ. भीमराव अंबेडकर
भारत के प्रथम गृह मंत्री कौन थे?सरदार वल्लभभाई पटेल
लोकसभा के प्रथम अध्यक्ष कौन थे? गणेश वासुदेव मावलंकर
भारत का प्रथम गवर्नर जनरल कौन था? लॉर्ड विलियम बेंटिक
भारत के प्रथम भारतीय गवर्नर जनरल कौन थे? चक्रवर्ती राजगोपालाचारी
भारत का प्रथम वायसराय कौन था? लॉर्ड कैनिंग
ब्रिटिश संसद का सदस्य बनने वाले प्रथम भारतीय नागरिक कौन थे? दादाभाई नौरोजी
भारत के प्रथम मुख्य न्यायाधीश कौन थे?हीरालाल जे. कानिया
भारत के प्रथम फील्ड मार्शल कौन थे ?सैम मानेकशॉ
भारत के प्रथम कमांडर इन चीफ कौन थे?जनरल करिअप्पा
भारत के प्रथम वायु सेना अध्यक्ष कौन थे? सुब्रतो मुखर्जी
भारत के प्रथम नौ सेना अध्यक्ष कौन थे ? वाइस एडमिरल आर. डी. कटारी
भारत के प्रथम एयर चीफ मार्शल कौन थे?
(वायुसेनाध्यक्ष के रैंक को अपग्रेड करके एयर चीफ मार्शल कर दिया गया)
अर्जन सिंह
भारत के प्रथम चुनाव आयुक्त कौन थे? सुकुमार सेन
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रथम अध्यक्ष कौन थे?व्योमेश चन्‍द्र बनर्जी
भारत में प्रथम समाचार पत्र शुरू करने वाले व्यक्ति कौन थे?जेम्स ए. हिक्की
भारत के प्रथम नोबेल पुरस्कार विजेता कौन थे?रवीन्द्र नाथ टैगोर
भारत के प्रथम नोबेल पुरस्कार जीतने वाले वैज्ञानिक कौन थे?सी. वी. रमण (भौतिकी विषय में)
भारत के प्रथम भारत रत्न पुरस्कार जीतने वाले व्यक्ति कौन थे?डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन
भारत रत्न पुरस्कार प्राप्त करने वाले प्रथम विदेशी नागरिक कौन थे?अब्दुल गफ्फार खान
अंतरिक्ष में जाने वाले प्रथम भारतीय कौन थे?राकेश शर्मा
ज्ञानपीठ पुरस्कार प्राप्त करने वाले प्रथम भारतीय कौन हैं?श्रीशंकर कुरूप
आई. सी. एस. में सफल होने वाले प्रथम भारतीय कौन थे?सत्येन्द्र नाथ टैगोर
इंग्लिश चैनल को पार करने वाले प्रथम भारतीय नागरिक कौन थे ?मिहिर सेन
ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाले प्रथम भारतीय कौन हैं? (वैयक्तिक स्पर्धा)अभिनव बिंद्रा (निशानेबाजी)
भारत के लिए ओलंपिक पदक जीतने वाले पहले भारतीय मुक्केबाज कौन थे?विजेंदर सिंह
भारत की प्रथम महिला
प्रश्नउत्तर
भारत की प्रथम महिला राष्ट्रपति का नाम क्या है?श्री मती प्रतिभा देवी सिंह पाटिल
भारत की प्रथम महिला प्रधानमंत्री कौन थीं? इंदिरा गांधी
भारत की प्रथम महिला केंद्रीय मंत्री कौन थीं?राजकुमारी अमृत कौर
भारत की पहली महिला विदेश मंत्री कौन है?सुषमा स्वराज
भारत की प्रथम महिला लोकसभा अध्यक्ष कौन हैं?मीरा कुमार
भारत की प्रथम महिला सांसद कौन थीं?राधाबाई सुबारायन
भारत में प्रथम महिला मुख्यमंत्री कौन थीं?सुचेता कृपलानी
संयुक्त राष्ट्र संघ की प्रथम भारतीय महिला राजदूत कौन थीं?विजयालक्ष्मी पंडित
भारत की प्रथम महिला राज्यपाल कौन थीं? सरोजिनी नायडू (उत्तर प्रदेश)
सुप्रीम कोर्ट की प्रथम महिला न्यायाधीश कौन थीं?मीरा साहिब फातिमा बीबी
उच्च न्यायालय की प्रथम महिला मुख्य न्यायाधीश कौन थीं?लीला सेठ
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की प्रथम महिला अध्यक्ष कौन थीं?एनी बेसेंट
भारत की प्रथम महिला नोबेल पुरस्कार विजेता कौन थीं?मदर टेरेसा
अशोक चक्र पुरस्कार प्राप्त करने वाली प्रथम भारतीय महिला कौन थीं?नीरजा भनोट
भारत रत्न पुरस्कार प्राप्त करने वाली प्रथम भारतीय महिला कौन थीं?इंदिरा गांधी
भारत की प्रथम महिला स्नातक (प्रतिष्ठा) कौन है?कामिनी रॉय
भारत की प्रथम महिला स्नातक कौन है?कादम्बिनी गांगुली और चंद्रमुखी बासु
ज्ञानपीठ पुरस्कार प्राप्त करने वाली प्रथम भारतीय महिला कौन है?आशापूर्णा देवी
अंतरिक्ष में जाने वाली प्रथम भारतीय महिला कौन थीं?कल्पना चावला (अमेरिकी नागरिक)
भारत की प्रथम महिला आईएएस (IAS) कौन है?श्रीमती अन्ना राजम मल्होत्रा
भारत की प्रथम महिला आई. पी. एस.(IPS) कौन हैं ?किरण बेदी
संघ लोक सेवा आयोग ( यूपीएससी ) की प्रथम महिला अध्यक्ष कौन थीं?रोज मिलियन बैथ्यू
ओलंपिक में पदक जीतने वाली प्रथम भारतीय महिला कौन थीं?कर्णम मल्लेश्वरी
इंग्लिश चैनल पार करने वाली प्रथम भारतीय महिला कौन थीं?आरती साहा
एवरेस्ट शिखर पर पहुंचने वाली प्रथम भारतीय महिला कौन है?बछेंद्री पाल
ऑस्कर पुरस्कार जीतने वाली प्रथम भारतीय महिला कौन थीं?भानु अथैया
अंतर्राष्ट्रीय ट्रैक स्पर्धा में पहली भारतीय स्वर्ण पदक विजेता कौन हैं?हिमा दास
मिस वर्ल्ड बनने वाली प्रथम भारतीय महिला कौन हैं?कुमारी रीता फारिया
मिस यूनिवर्स बनने वाली प्रथम भारतीय महिला कौन हैं?सुष्मिता सेन
Related Pages:
  1. नदियों के किनारे स्थित विश्व के प्रमुख शहर
  2. भारत के प्रमुख लोक नृत्य सूची
  3. नदियों के किनारे बसे भारत के प्रमुख शहर
  4. विश्व के प्रमुख देशों के समाचार पत्रों के नाम
  5. विश्व के प्रमुख देश, राजधानी एवं उनकी मुद्राओं की सूची
  6. संस्कृत में गिनती 1 से 100 तक
  7. विश्व के प्रमुख देशों के राष्ट्रीय पशु
  8. महत्वपूर्ण राष्ट्रीय दिवस और अन्तर्राष्ट्रीय दिवस
  9. विश्व के प्रमुख भौगोलिक उपनाम की सूची
  10. विश्व के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र की सूचि
  11. प्रमुख व्यक्तियों के लोकप्रिय उपनाम की सूचि
  12. भारत के प्रमुख शहरों के भौगोलिक उपनाम
  13. भारत के प्रमुख राष्ट्रीय उद्यान (National Parks) की सूची
  14. भारत की नदियाँ और उनकी सहायक नदियाँ
  15. भारत की प्राचीन नदियों के नाम
  16. भारत के प्रमुख बांध एवं नदी परियोजनाएँ

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

Shri Shiv-stuti - नंदी की सवारी नाग अंगीकार धारी।

श्री शिव स्तुति | सरल और प्रभावी स्तुति का पाठ भोले शिव शंकर जी की स्तुति... ॐ नमः शिवाय | ॐ नमः शिवाय | ॐ नमः शिवाय | ॐ नमः शिवाय | ॐ नमः शिवाय भगवान शिव स्तुति : भगवान भोलेनाथ भक्तों की प्रार्थना से बहुत जल्द ही प्रसन्न हो जाते हैं। इसी कारण उन्हें 'आशुतोष' भी कहा जाता है। सनातन धर्म में सोमवार का दिन को भगवान शिव को समर्पित है। इसी कारण सोमवार को शिव का महाभिषेक के साथ साथ शिव की उपासना के लिए व्रत भी रखे जाते हैं। अपने परिवार के लिए सुख समृद्धि पाना के लिए सोमवार के दिन शिव स्तुति का जाप करना आपके लिए लाभकारी होगा और स्तुति का सच्चे मन से करने पर भोले भंडारी खुश होकर आशीर्वाद देते है। ॥ शिव स्तुति ॥ ॥ दोहा ॥ श्री गिरिजापति बंदि कर चरण मध्य शिर नाय। कहत गीता राधे तुम मो पर हो सहाय॥ कविता नंदी की सवारी नाग अंगीकार धारी। नित संत सुखकारी नीलकण्ठ त्रिपुरारी हैं॥ गले मुण्डमाला भारी सर सोहै जटाधारी। बाम अंग में बिहारी गिरिजा सुतवारी हैं॥ दानी बड़े भारी शेष शारदा पुकारी। काशीपति मदनारी कर शूल च्रकधारी हैं॥ कला जाकी उजियारी लख ...

jhaankee - झांकी उमा महेश की, आठों पहर किया करूँ।

भगवान शिव की आरती | BHAKTI GYAN भगवान शिव की आरती... ॐ नमः शिवाय: | ॐ नमः शिवाय: | ॐ नमः शिवाय: | ॐ नमः शिवाय: | ॐ नमः शिवाय: भगवान शिव की पूजा के समय मन के भावों को शब्दों में व्यक्त करके भी भगवान आशुतोष को प्रसन्न किया जा सकता है। भगवान शिव की आरती से हम भगवान भोलेनाथ के चरणों में अपने स्तुति रूपी श्रद्धासुमन अर्पित कर उनका कृपा प्रसाद पा सकते हैं। ॥ झांकी ॥ झांकी उमा महेश की, आठों पहर किया करूँ। नैनो के पात्र में सुधा, भर भर के मैं पिया करूँ॥ वाराणसी का वास हो, और न कोई पास हो। गिरजापति के नाम का, सुमिरण भजन किया करूँ॥ झांकी उमा महेश की....... जयति जय महेश हे, जयति जय नन्द केश हे। जयति जय उमेश हे, प्रेम से मै जपा करूँ॥ झांकी उमा महेश की....... अम्बा कही श्रमित न हो, सेवा का भार मुझको दो। जी भर के तुम पिया करो, घोट के मैं दिया करूँ॥ झांकी उमा महेश की....... जी मै तुम्हारी है लगन, खीचते है उधर व्यसन। हरदम चलायमान हे मन, इसका उपाय क्या करूँ॥ झांकी उमा महेश की....... भिक्षा में नाथ दीजिए, सेवा में मै रहा करूँ। बेकल हु नाथ रात दिन चैन...

Sri Shiva\Rudrashtakam\Shri Rudrashtakam Stotram

श्री शिव रुद्राष्टक स्तोत्र श्री शिव रुद्राष्टक स्तोत्र... !! जय श्री सीताराम !! जय श्री हनुमान !! जय श्री दुर्गा माँ !! भगवान शिव शंकर जी आसानी से प्रसन्न हो जाते हैं। यदि भक्त श्रद्धा पूर्वक एक लोटा जल भी अर्पित कर दे तो भी वे प्रसन्न हो जाते हैं। इसलिए उन्हें भोलेनाथ भी कहा जाता है। 'श्री शिव रुद्राष्टकम' अपने आप में अद्भुत स्तुति है। यदि कोई आपको परेशान कर रहा है तो किसी शिव मंदिर या घर में ही कुशा के आसन पर बैठकर लगातार 7 दिनों तक सुबह शाम 'रुद्राष्टकम' स्तुति का पाठ करने से भगवान शिव बड़े से बड़े शत्रुओं का नाश करते हैं और सदैव अपने भक्तों की रक्षा करते हैं। रामायण के अनुसार, मर्यादा पुरूषोत्तम भगवान श्रीराम ने रावण जैसे भयंकर शत्रु पर विजय पाने के लिए रामेशवरम में शिवलिंग की स्थापना कर रूद्राष्टकम स्तुति का श्रद्धापूर्वक पाठ किया था और परिणाम स्वरूप शिव की कृपा से रावण का अंत भी हुआ था। ॥ श्री शिव रुद्राष्टक स्तोत्र ॥ नमामीशमीशान निर्वाण रूपं, विभुं व्यापकं ब्रह्म वेदः स्वरूपम्। निजं निर्गुणं निर्विकल्पं निरीहं, चिदाकाश माकाशवासं भज...

Mata Chamunda Devi Chalisa - नमस्कार चामुंडा माता, तीनो लोक मई मई विख्याता

चामुण्डा देवी चालीसा | माता चामुंडा आरती, मंत्र व महिमा | Bhakti Gyan चामुण्डा देवी की चालीसा... हिंदू धर्म में माँ दुर्गा को शक्ति का सर्वोच्च स्वरूप माना गया है। भारतवर्ष में कुल 51 शक्तिपीठ हैं, जिनमें से एक प्रमुख शक्तिपीठ चामुण्डा देवी मंदिर है। यह मंदिर मुख्य रूप से माता काली को समर्पित है, जो शक्ति और संहार की देवी मानी जाती हैं। पुराणों के अनुसार जब-जब धरती पर अधर्म और संकट बढ़ा है, तब-तब माता ने दानवों का संहार कर धर्म की रक्षा की है। असुर चण्ड और मुण्ड के वध के कारण ही माता का नाम चामुण्डा पड़ा। श्री चामुण्डा देवी मंदिर को चामुण्डा नंदिकेश्वर धाम के नाम से भी जाना जाता है। यह मंदिर हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले की धर्मशाला तहसील में, पालमपुर शहर से लगभग 19 किलोमीटर दूर स्थित है। यह पवित्र धाम माता दुर्गा के एक दिव्य रूप श्री चामुण्डा देवी को समर्पित है। || चालीसा || ।। दोहा ।। नीलवरण मा कालिका रहती सदा प्रचंड, दस हाथो मई ससत्रा धार देती दुस्त को दांड्ड़ । मधु केटभ संहार कर करी धर्म की जीत, मेरी...

Dwadash Jyotirlinga - सौराष्ट्रे सोमनाथं च श्रीशैले मल्लिकार्जुनम्।

सौराष्ट्रे सोमनाथं च श्रीशैले मल्लिकार्जुनम्। द्वादश ज्योतिर्लिंग... हिन्दू धर्म में यह माना जाता है कि जो मनुष्य प्रतिदिन प्रात:काल और संध्या के समय इन बारह ज्योतिर्लिंगों का नाम लेता है, उसके सात जन्मों का किया हुआ पाप इन लिंगों के स्मरण मात्र से मिट जाता है। श्री द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्रम् सौराष्ट्रे सोमनाथं च श्रीशैले मल्लिकार्जुनम्। उज्जयिन्यां महाकालमोंकारममलेश्वरम्॥१॥ परल्यां वैद्यनाथं च डाकिन्यां भीमाशंकरम्। सेतुबंधे तु रामेशं नागेशं दारुकावने॥२॥ वाराणस्यां तु विश्वेशं त्र्यंबकं गौतमीतटे। हिमालये तु केदारम् घुश्मेशं च शिवालये॥३॥ एतानि ज्योतिर्लिङ्गानि सायं प्रातः पठेन्नरः। सप्तजन्मकृतं पापं स्मरणेन विनश्यति॥४॥ Related Pages: श्रीहनुमदष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् चिन्तामणि षट्पदी स्तोत्र गणपतितालम् श्री कालभैरव अष्टकम् अंगना पधारो महारानी मोरी शारदा भवानी देवी भजन- इंद्राक्षी स्तोत्रम् श्री शिव प्रातः स्मरणस्तोत्रम् 12 प्रमुख ज्योतिर्लिंग राम रक्षा स्तोत्र संकटमोचन हनुमानाष्टक संस्कृत में मारुति स्तो...

Shiva Pratah Smaran Stotra/shiv praatah smaran stotr arth sahit

शिव प्रातः स्मरणस्तोत्रम् श्री शिव प्रातः स्मरणस्तोत्रम्... ॐ नमः शिवाय: | ॐ नमः शिवाय: | ॐ नमः शिवाय: | ॐ नमः शिवाय: | ॐ नमः शिवाय: शिव प्रातः स्मरण स्तोत्र : सुबह की जाने वाली, भगवान शिव की स्तुति, प्रातः स्मरण अर्थात सुबह किया जाने वाला ईश्वर का स्मरण है। ये एक छोटासा तीन श्लोकों का शिव स्तोत्र है, जो तीन श्लोकों की भगवान् शिव की स्तुति है। श्री शिव प्रातः स्मरणस्तोत्रम् ॥ ॐ नमः शिवाय ॥ प्रातः स्मरामि भवभीतिहरं सुरेशं गंगाधरं वृषभवाहनमम्बिकेशम् । खट्वांगशुलवरदाभयहस्तमीशं संसाररोगहरमौषधमद्वितीयम् ॥1॥ प्रातर्नमामि गिरिशं गिरिजार्धदेहं सर्गस्थितिप्रलयकारणमादिदेवम् । विश्वेश्वरं विजितविश्वमनोSभिरामं संसाररोगहरमौषधमद्वितीयम् ॥2॥ प्रातर्भजामि शिवमेकमनन्तमाद्यं वेदान्तवेद्यमनघं पुरुषं महान्तम् । नामादिभेदरहितं षड्भावशून्यं संसाररोगहरमौषधमद्वितीयम् ॥3॥ प्रातः समुत्थाय शिवं विचिन्त्य श्लोकत्रयं येSनुदिनं पठन्ति । ते दुःखजातं बहुजन्मसंचितं हित्वा पदं यान्ति तदेव शम्भो: ॥ Related Pages: 12 प्रमुख ज्योतिर्लिंग रावण द्वारा रचित शिव तांडव ...

Lingashtakam\Shiv\lingashtakam stotram-लिङ्गाष्टकम्

श्री लिंगाष्टकम स्तोत्र | शिव लिंगाष्टकम पाठ, अर्थ और लाभ लिंगाष्टकम् का महत्व और आध्यात्मिक लाभ... !! जय श्री सीताराम !! जय श्री हनुमान !! जय श्री दुर्गा माँ !! लिंगाष्टकम् भगवान शिव की महिमा का वर्णन करने वाला अत्यंत पवित्र और प्रभावशाली स्तोत्र है। इसमें शिवलिंग की स्तुति अत्यंत अद्भुत और सुंदर ढंग से की गई है। यह स्तोत्र शिवभक्तों के लिए आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त करता है। शिवलिंग की दिव्य महिमा: लिंगाष्टकम् में शिवलिंग को सुगंधित पुष्पों से सुशोभित, चंदन और कुमकुम के लेप से आच्छादित और विविध मालाओं से अलंकृत बताया गया है। शिवलिंग केवल एक प्रतीक नहीं, बल्कि सृष्टि, स्थिति और संहार के परम तत्व का प्रतीक है। यह बुद्धि में वृद्धि करने वाला, मन को पवित्र करने वाला और साधक के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने वाला दिव्य स्वरूप है। ॥ लिंगाष्टकम स्तोत्र ॥ ब्रह्ममुरारिसुरार्चितलिङ्गं निर्मलभासितशोभितलिङ्गम् । जन्मजदुःखविनाशकलिङ्गं तत् प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम् ॥१॥ देवमुनिप्रवरार्चितलिङ्गं कामदहं करुणाकरलिङ्गम् । रावणदर...