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HANUMAN MANTRA & STOTRA / हनुमान जी के मंत्र और स्तोत्र के लाभ

हनुमान जी के मंत्र और स्तोत्र के लाभ | Hanuman Mantra & Stotra | Bhakti Gyan

हनुमान जी के मंत्र और स्तोत्र के चमत्कारिक लाभ...

बजरंगबली की उपासना से मिटते हैं सभी दुख, भय और बाधाएं। जानिए हनुमान जी के सिद्ध पाठों और मंत्रों का धार्मिक व आध्यात्मिक महत्त्व।

पढ़ने का समय: 4 मिनट धर्म एवं दर्शन

॥ जय श्री राम ॥
॥ जय बजरंगबली ॥
॥ श्री राम दूताय नमः ॥
॥ ॐ श्री हनुमते नमः ॥

संकटमोचन महाबली श्री हनुमान जी

सनातन धर्म में श्री हनुमान जी को कलियुग के जागृत देवता माना गया है। श्री रामचरितमानस में उल्लेख है कि हनुमान जी अष्ट सिद्धि और नवनिधि के दाता हैं। भक्ति, साहस और अपरंपार शक्ति के प्रतीक बजरंगबली की श्रद्धापूर्वक आराधना करने से साधक के जीवन के समस्त मानसिक, शारीरिक और व्यावहारिक संकटों का तत्काल नाश होता है।

प्रमुख पाठ और उनके फलदायी लाभ

बजरंग बाण — शत्रु एवं बाधा निवारण

विशेषता और लाभ: नियमित रूप से बजरंग बाण का पाठ करने से ज्ञात-अज्ञात शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है। यदि किसी कार्य मार्ग में बार-बार अड़चनें आ रही हों, तो बजरंग बाण का संकल्पपूर्वक पाठ सभी बाधाओं को तत्काल समाप्त कर मार्ग प्रशस्त करता है।

सुंदरकाण्ड — सफलता व सौभाग्य

विशेषता और लाभ: श्री रामचरितमानस का यह सबसे कल्याणकारी अध्याय है। सुंदरकाण्ड का नियमित या शनिवार/मंगलवार को पाठ करने से कार्यस्थल, व्यापार और नौकरी में आ रही रुकावटें दूर होती हैं। इससे मन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और सौभाग्य की प्राप्ति होती है।

हनुमान अष्टक — भय मुक्ति व मनोकामना

विशेषता और लाभ: "बाल समय रबि भक्षि लियों..." संकटमोचन हनुमान अष्टक का पाठ अकारण भय, दुःस्वप्न और अनहोनी की आशंका से स्थायी मुक्ति दिलाता है। यह साधक की जायज इच्छाओं और मनोकामनाओं की पूर्ति में सहायक है।

हनुमान बाहुक — स्वास्थ्य व मानसिक शांति

विशेषता और लाभ: गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित हनुमान बाहुक का पाठ असाध्य शारीरिक पीड़ा, वात-पित्त रोगों और पुरानी बीमारियों के समय औषधि समान फल देता है। यह मानसिक तनाव, अवसाद और चिंता से भी रक्षा करता है।

मूल हनुमान मंत्र सुरक्षा कवच
" ॐ हं हनुमते नमः "

मंत्र लाभ: प्रतिदिन प्रातकाल 108 बार इस दिव्य मंत्र का जप करने से साधक के चारों ओर एक मजबूत आध्यात्मिक सुरक्षा कवच बनता है। यह मंत्र नकारात्मक शक्तियों, टोने-टोटके और मन के बुरे विचारों से रक्षा करता है।

हनुमान साधना व पाठ के महत्वपूर्ण नियम:

  • पवित्रता एवं स्वच्छता: पाठ करने से पूर्व स्नान करके स्वच्छ वस्त्र (अधिमानतः लाल या पीले वस्त्र) धारण करें।
  • दिशा का ध्यान: पूजा स्थान पर पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठना अत्यंत शुभ माना जाता है।
  • दीपक प्रज्वलन: हनुमान जी के समक्ष शुद्ध गाय के घी अथवा चमेली के तेल का दीपक अवश्य प्रज्वलित करें।
  • मानसिक संयम: पाठ के दौरान मन में श्रद्धा, सत्यनिष्ठा एवं ब्रह्मचर्य का पालन करें।

जय श्री राम • जय हनुमान

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