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Sarvadev-Gayatri-Mantra/Spiritual Mantras/सर्वदेव गायत्री मंत्र

सर्वदेव गायत्री मंत्र | सम्पूर्ण पाठ, महत्व, लाभ एवं फलश्रुति

सर्वदेव गायत्री मंत्र- सम्पूर्ण पाठ, महत्व एवं लाभ...

सर्वदेव गायत्री मंत्र | सम्पूर्ण पाठ, महत्व, लाभ एवं फलश्रुति

सर्वदेव गायत्री मंत्र विभिन्न देवी-देवताओं को समर्पित दिव्य गायत्री मंत्रों का संग्रह है। इन मंत्रों के नियमित जप से बुद्धि, ज्ञान, शांति, आध्यात्मिक उन्नति तथा ईश्वर की कृपा प्राप्त होती है। सनातन धर्म में गायत्री मंत्रों को अत्यंत पवित्र और कल्याणकारी माना गया है।

॥ सर्वदेव गायत्री मंत्र ॥

ॐ एकदन्ताय विद्महे वक्रतुण्डाय धीमहि । तन्नो दन्ती प्रचोदयात् ॥
ॐ कात्यायन्यै च विद्महे कन्याकुमार्यै धीमहि । तन्नो देवी प्रचोदयात् ॥
ॐ नारायणाय विद्महे वासुदेवाय धीमहि । तन्नो विष्णुः प्रचोदयात् ॥
ॐ महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णुपत्न्यै च धीमहि । तन्नो लक्ष्मीः प्रचोदयात् ॥
ॐ दाशरथाय विद्महे जानकीवल्लभाय धीमहि । तन्नो रामः प्रचोदयात् ॥
ॐ जनकनन्दिन्यै विद्महे भूमिजायै धीमहि । तन्नः सीता प्रचोदयात् ॥
ॐ दाशरथाय विद्महे उर्मिलानाथाय धीमहि । तन्नो लक्ष्मणः प्रचोदयात् ॥
ॐ अञ्जनीसुताय विद्महे वायुपुत्राय धीमहि । तन्नो हनुमत् प्रचोदयात् ॥
ॐ देवकीनन्दनाय विद्महे राधावल्लभाय धीमहि । तन्नः कृष्णः प्रचोदयात् ॥
ॐ वृषभानुजायै विद्महे कृष्णप्रियायै धीमहि । तन्नो राधा प्रचोदयात् ॥
ॐ परब्रह्मणे विद्महे गुरुदेवाय धीमहि । तन्नो गुरुः प्रचोदयात् ॥
ॐ भास्कराय विद्महे दिवाकराय धीमहि । तन्नः सूर्यः प्रचोदयात् ॥
ॐ पृथ्वीदेव्यै च विद्महे धरामूर्त्यै धीमहि । तन्नः पृथ्वी प्रचोदयात् ॥
ॐ जामदग्न्याय विद्महे महावीराय धीमहि । तन्नो विष्णुः प्रचोदयात् ॥
ॐ सरस्वत्यै च विद्महे ब्रह्मपुत्र्यै च धीमहि । तन्नः सरस्वती प्रचोदयात् ॥
ॐ चतुर्मुखाय विद्महे हंसारूढाय धीमहि । तन्नो ब्रह्मा प्रचोदयात् ॥
ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि । तन्नो रुद्रः प्रचोदयात् ॥
ॐ रुद्रदेहाय विद्महे मेकलकन्यकायै धीमहि । तन्नो रेवा प्रचोदयात् ॥

नमो नमस्तेस्तु सदा विश्वभावो, सर्वात्मने सर्वहिताय भावने ।
अनन्तशक्तिवर्णिन् भूषण, वृन्दस्व भक्तिं मम मुक्तिमव्ययाम् ॥

॥ इति सर्वदेव गायत्री मंत्र सम्पूर्णम् ॥

सर्वदेव गायत्री मंत्र का महत्व:

इन मंत्रों में भगवान गणेश, माता दुर्गा, भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी, भगवान राम, माता सीता, भगवान कृष्ण, राधा रानी, भगवान शिव, माता सरस्वती, सूर्य देव और अन्य दिव्य शक्तियों का स्मरण किया जाता है। इनका जप जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक शक्ति प्रदान करता है।

सर्वदेव गायत्री मंत्र के लाभ:

  • बुद्धि, ज्ञान और विवेक में वृद्धि होती है।
  • नकारात्मक ऊर्जा और भय दूर होते हैं।
  • आध्यात्मिक उन्नति और मानसिक शांति प्राप्त होती है।
  • देवी-देवताओं की कृपा प्राप्त होती है।
  • परिवार में सुख, शांति और समृद्धि आती है।
  • जीवन में सकारात्मकता और आत्मविश्वास बढ़ता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ):

1. सर्वदेव गायत्री मंत्र क्या है?

सर्वदेव गायत्री मंत्र विभिन्न देवी-देवताओं को समर्पित गायत्री मंत्रों का संग्रह है। इन मंत्रों के जप से ज्ञान, शांति, सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है।

2. सर्वदेव गायत्री मंत्र का जप करने से क्या लाभ होते हैं?

इसके नियमित जप से मानसिक शांति, आत्मविश्वास, बुद्धि, विवेक, आध्यात्मिक शक्ति तथा देवी-देवताओं की कृपा प्राप्त होती है।

3. सर्वदेव गायत्री मंत्र का पाठ कब करना चाहिए?

इसका पाठ प्रतिदिन प्रातःकाल और सायंकाल किया जा सकता है। ब्रह्म मुहूर्त में जप करना विशेष फलदायी माना जाता है।

4. क्या महिलाएं सर्वदेव गायत्री मंत्र का जप कर सकती हैं?

हाँ, महिलाएं और पुरुष दोनों श्रद्धा और भक्ति के साथ इन मंत्रों का जप कर सकते हैं।

5. सर्वदेव गायत्री मंत्र में किन देवी-देवताओं का स्मरण किया जाता है?

इसमें भगवान गणेश, माता दुर्गा, भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी, भगवान राम, माता सीता, भगवान कृष्ण, राधा रानी, भगवान शिव, माता सरस्वती, सूर्य देव तथा अन्य दिव्य शक्तियों का स्मरण किया जाता है।

6. क्या विद्यार्थी सर्वदेव गायत्री मंत्र का जप कर सकते हैं?

हाँ, विद्यार्थी इन मंत्रों का जप कर सकते हैं। इससे एकाग्रता, स्मरण शक्ति और ज्ञान में वृद्धि होने की मान्यता है।

7. सर्वदेव गायत्री मंत्र का जप कितनी बार करना चाहिए?

सामान्यतः 11, 21, 51 या 108 बार जप करना शुभ माना जाता है। श्रद्धा और नियमितता को संख्या से अधिक महत्वपूर्ण माना गया है।

8. क्या सर्वदेव गायत्री मंत्र से घर में सुख-शांति आती है?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इन मंत्रों के नियमित जप से घर में सकारात्मक ऊर्जा, सुख, शांति और समृद्धि का वातावरण बनता है।

9. क्या सर्वदेव गायत्री मंत्र का जप किसी विशेष स्थान पर करना चाहिए?

पूजा स्थान, मंदिर या घर के शांत और स्वच्छ स्थान पर बैठकर इसका जप करना श्रेष्ठ माना जाता है।

10. सर्वदेव गायत्री मंत्र का मुख्य उद्देश्य क्या है?

इसका मुख्य उद्देश्य विभिन्न देवी-देवताओं की कृपा प्राप्त करना, आध्यात्मिक उन्नति करना तथा जीवन में सुख, शांति और मंगल की स्थापना करना है।

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